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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

कृषक जगत समाचार@ 5.00 PM: प्याज निर्यात I लाड़ली बहना योजना I फसल बीमा I गेहूँ किस्म HI 1620 I आलू बुवाई I लाड़ली लक्ष्मी योजना

12 नवंबर 2024, नई दिल्ली: नमस्कार, आइए जानते हैं आज शाम 5 बजे तक कृषक जगत की 10 बड़ी खबरें…

1. प्याज किसानों के लिए खबर: सरकार बांग्लादेश को निर्यात के लिए 1,650 टन प्याज खरीदेगी

सरकार की निर्यात एजेंसी नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट लिमिटेड (एनसीईएल) ने बांग्लादेश को निर्यात करने के लिए निजी व्यापारियों से 29 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से प्याज खरीदेगी। इसके लिए ट्रेडर्स से 1,650 टन प्याज की खरीद की जाएगी। पूरी खबर पढ़े….

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2. अब हर महीने और अधिक मिलेगी आर्थिक मदद, लाड़ली बहना योजना में बड़ा बदलाव

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मध्यप्रदेश की महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लागू की गई “लाड़ली बहना योजना” में आर्थिक मदद बढ़ाने की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली सहायता राशि में निरंतर वृद्धि की जाएगी। फिलहाल, लाभार्थी महिलाओं को 1,250 रुपये प्रति माह मिल रहे हैं, जिसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। पूरी खबर पढ़े….

3. अस्थाई सिंचाई कनेक्शन हेतु एचपी की दरें निर्धारित

 मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा रबी मौसम में सिंचाई हेतु अस्थाई सिंचाई कनेक्शनों के लिए प्रति एचपी के लिए  दरें  निर्धारित की है। अस्थाई सिंचाई कनेक्शनों के लिए उपभोक्ता द्वारा संबंधित वितरण केन्द्रों पर संपर्क कर निर्धारित राशि का भुगतान कर कनेक्शन ले सकते है। पूरी खबर पढ़े….

4. राजस्थान: फसल बीमा क्लेम में तेजी लाने के लिए फसल कटाई के दौरान बीमा प्रतिनिधियों की अनिवार्य मौजूदगी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाने और किसानों को बीमा क्लेम का लाभ जल्द दिलाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के अधिकारियों ने जिले में खाद-बीज आपूर्ति और फसल बीमा योजना की स्थिति पर चर्चा की I पूरी खबर पढ़े….

5. अधिक उपज देने वाली गेहूँ की किस्म गेहूँ की किस्म HI 1620

अधिक उपज देने वाली गेहूं की किस्म HI 1620 इन क्षेत्रो  के लिए उपयुक्त है: पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान (कोटा और उदयपुर डिवीजनों को छोड़कर), पश्चिमी यूपी (झांसी डिवीजन को छोड़कर), जम्मू-कश्मीर के हिस्से (कठुआ जिले), हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों ( समय पर प्रतिबंधित सिंचाई के लिए ऊना जिला और पांवटा घाटी) और उत्तराखंड (तराई क्षेत्र)। पूरी खबर पढ़े….

6. उर्वरक की कालाबाजारी करने पर विनिर्माण इकाई संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

इंदौर जिले में उर्वरक की कालाबाजारी करने पर उर्वरक विनिर्माण इकाई संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स चातक एग्रो (इंडिया) प्रा.लि. विहाडिया तिल्लौर खुर्द खुडैल इंदौर की उर्वरक विनिर्माण इकाई का केन्द्रीय एवं जिला स्तरीय गुण नियंत्रण दल द्वारा औचक निरीक्षण किया। पूरी खबर पढ़े….

7. आलू की बुवाई का सीजन जोरों पर

आलू की बुवाई का सीजन जोरों पर है और किसानों के लिए यह समय अपने खेतों में एक बेहतरीन पैदावार की तैयारी करने का है. विशेषज्ञों के अनुसार, आलू की अच्छी फसल के लिए खेत में 60-70% नमी होना आवश्यक है, ताकि बीजों को शुरुआती दौर में ही पर्याप्त नमी मिल सके, जिससे उनकी वृद्धि बेहतर हो. पूरी खबर पढ़े….

8. मध्य प्रदेश में बाल विवाह रोकथाम में मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना की है अहम भूमिका

मध्यप्रदेश में बाल विवाह रोकथाम के लिये कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। इसमें मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना की अहम भूमिका है। इस योजना का प्रभाव यह है कि समाज में बेटियों के प्रति नज़रिया बदल रहा है। लोग अब अपनी बेटियों की शिक्षा और कल्याण को प्राथमिकता देने लगे हैं। यह बाल विवाह को रोकने के लिये एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है। पूरी खबर पढ़े….

9. गेहूं की नई किस्म पूसा अहिल्या (एच.आई.1634 ) एक हेक्टेयर में 70 क्विंटल उत्पादन देती है

भारतीय कृषि अनुसन्धान संस्थान,क्षेत्रीय केंद्र इंदौर द्वारा गेहूं की दो नई किस्में पूसा वानी (एच.आई .1633 ) और पूसा अहिल्या (एच.आई.1634 ) विकसित की गई है .जो चपाती के लिए उपयुक्त है.इन किस्मों के विकास में डॉ. एस.वी. साई प्रसाद और वैज्ञानिक श्री जंगबहादुर सिंह का योगदान रहा है. पूरी खबर पढ़े….

10. मध्यप्रदेश में 792 वन ग्राम बने राजस्व ग्राम, 3 लाख से अधिक वन अधिकार दावे मान्य

मध्यप्रदेश में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत जनजातीय और पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों को मान्यता देने की प्रक्रिया लगातार चल रही है। प्रदेश में अब तक 2,75,352 से अधिक व्यक्तिगत और 29,996 सामुदायिक वन अधिकार दावों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इन दावों का निराकरण पात्रता अनुसार विधिक प्रक्रिया के अनुसार किया गया है। पूरी खबर पढ़े….