खरीफ खेती की रफ्तार पड़ी धीमी, 53.74 लाख हेक्टेयर घटा रकबा; धान, सोयाबीन और कपास की बुवाई में बड़ी गिरावट
02 जुलाई 2026, नई दिल्ली: खरीफ खेती की रफ्तार पड़ी धीमी, 53.74 लाख हेक्टेयर घटा रकबा; धान, सोयाबीन और कपास की बुवाई में बड़ी गिरावट – देश में खरीफ सीजन 2026 के दौरान बुवाई की शुरुआत पिछले साल की तुलना में धीमी रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 26 जून 2026 तक जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख खरीफ फसलों का कुल रकबा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 53.74 लाख हेक्टेयर कम दर्ज किया गया है। हालांकि गन्ना और जूट जैसी कुछ फसलों के रकबे में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 26 जून 2026 तक देश में खरीफ फसलों की कुल बुवाई 182.72 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 236.46 लाख हेक्टेयर थी। यानी इस बार अब तक कुल 53.74 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई हुई है।
धान और दालों की बुवाई में गिरावट
धान की बुवाई 25.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 34.41 लाख हेक्टेयर में धान की बुवाई हो चुकी थी। इस प्रकार धान के रकबे में 8.65 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है।
दालों की बात करें तो इस बार 14.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 21.46 लाख हेक्टेयर था। यानी दालों के रकबे में 6.53 लाख हेक्टेयर की गिरावट आई है। अरहर, उड़द और मूंग की बुवाई भी पिछले वर्ष की तुलना में कम रही है।
मोटे अनाज में भी कमी
श्री अन्न (मोटे अनाज) की कुल बुवाई 31.84 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 36.07 लाख हेक्टेयर से 4.23 लाख हेक्टेयर कम है। ज्वार के रकबे में 0.68 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बाजरा, मक्का, रागी और छोटे बाजरे के क्षेत्र में कमी आई है।
तिलहन फसलों में सबसे बड़ी गिरावट
तिलहन फसलों की बुवाई में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। इस बार 16.99 लाख हेक्टेयर में तिलहन की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक 36.41 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। यानी 19.42 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है।
सोयाबीन का रकबा 13.05 लाख हेक्टेयर और मूंगफली का रकबा 6.42 लाख हेक्टेयर कम रहा। वहीं सूरजमुखी, रामतिल और अरंडी के क्षेत्र में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कपास की बुवाई भी घटी
कपास की बुवाई 29.66 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 45.36 लाख हेक्टेयर थी। यानी कपास के रकबे में 15.70 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
गन्ना और जूट में बढ़ा रकबा
रिपोर्ट के अनुसार, गन्ने की बुवाई 57.31 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.67 लाख हेक्टेयर अधिक है। वहीं जूट एवं मेस्टा की बुवाई भी 0.12 लाख हेक्टेयर बढ़ी है।
26 जून 2026 तक खरीफ फसलों के तहत क्षेत्र कवरेज (लाख हेक्टेयर)
| फसल | सामान्य क्षेत्र (2020-21 से 2024-25) | अंतिम क्षेत्र 2025 | 2026 (26 जून तक) | 2025 (समान अवधि) | बढ़ोतरी (+)/कमी (-) |
| धान | 412 | 446.7 | 25.75 | 34.41 | -8.65 |
| दालें | 123.64 | 118.97 | 14.92 | 21.46 | -6.53 |
| अरहर | 44.32 | 44.6 | 3.56 | 8.45 | -4.89 |
| उड़द | 29.6 | 21.26 | 1.07 | 2.51 | -1.44 |
| मूंग | 35.48 | 37.45 | 8.37 | 8.63 | -0.26 |
| कुल्थी | 1.48 | — | 0.13 | 0.1 | 0.03 |
| मोठ बीन | 9.69 | — | 0.82 | 0.56 | 0.26 |
| अन्य दालें | 3.07 | 15.66 | 0.98 | 1.21 | -0.23 |
| श्री अन्न (मोटा अनाज) | 182.63 | 192.12 | 31.84 | 36.07 | -4.23 |
| ज्वार | 14.44 | 12.1 | 3.38 | 2.7 | 0.68 |
| बाजरा | 70.94 | 63.8 | 11.34 | 13.06 | -1.72 |
| रागी | 12.01 | 13.46 | 0.66 | 0.73 | -0.07 |
| छोटा बाजरा | 4.47 | 4.15 | 0.75 | 0.97 | -0.22 |
| मक्का | 80.77 | 98.61 | 15.71 | 18.61 | -2.9 |
| तिलहन | 200.08 | 196.38 | 16.99 | 36.41 | -19.42 |
| मूंगफली | 46.79 | 50.29 | 8.87 | 15.29 | -6.42 |
| सोयाबीन | 128.71 | 123.86 | 6.92 | 19.97 | -13.05 |
| सूरजमुखी | 1.2 | 0.88 | 0.73 | 0.44 | 0.29 |
| तिल | 12.88 | 9.63 | 0.36 | 0.63 | -0.27 |
| रामतिल | 1.01 | 0.83 | 0.02 | 0 | 0.02 |
| अरंडी | 9.49 | 10.89 | 0.04 | 0.03 | 0.01 |
| अन्य तिलहन | 0 | — | 0.04 | 0.04 | 0 |
| गन्ना | 54.2 | 58.84 | 57.31 | 56.64 | 0.67 |
| जूट एवं मेस्टा | 6.4 | 6.06 | 6.25 | 6.13 | 0.12 |
| कपास | 125.51 | 115.2 | 29.66 | 45.36 | -15.7 |
| कुल | 1104.46 | 1134.27 | 182.72 | 236.46 | -53.74 |
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