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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत को सऊदी अरब से मिलेगी दीर्घकालिक डीएपी खाद की आपूर्ति, माडेन ने IPL, KRIBHCO और CIL से किया करार

16 जुलाई 2025, नई दिल्ली: भारत को सऊदी अरब से मिलेगी दीर्घकालिक डीएपी खाद की आपूर्ति, माडेन ने IPL, KRIBHCO और CIL से किया करार – भारत के किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा की सऊदी अरब यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब के बीच डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) खाद की दीर्घकालिक आपूर्ति को लेकर अहम समझौता हुआ है।

सऊदी अरब की प्रमुख उर्वरक कंपनी माडेन (Maaden) ने भारत की तीन प्रमुख कंपनियों – इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), कृभको (KRIBHCO) और चंबल फर्टिलाइजर्स (CIL) – के साथ करार किया है, जिसके तहत वर्ष 2025-26 से शुरू होकर अगले पांच वर्षों तक हर साल 31 लाख मीट्रिक टन डीएपी खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। समझौते में आपसी सहमति से पांच और वर्षों के विस्तार का विकल्प भी शामिल है।

गौरतलब है कि भारत ने वित्त वर्ष 2024-25 में सऊदी अरब से 19 लाख मीट्रिक टन डीएपी आयात किया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17% अधिक था। इस नए समझौते से खाद की उपलब्धता में स्थिरता आएगी और किसानों को समय पर उचित दामों पर खाद मिल सकेगी।

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रियाद में जे. पी. नड्डा ने सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री बंदर बिन इब्राहिम अल खोरेयफ से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने उर्वरकों, पेट्रोकेमिकल्स और फार्मा सेक्टर में साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को सऊदी अरब में निवेश के अवसरों को लेकर भी विचार हुआ।

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इसके अलावा, भारत के उर्वरक सचिव और सऊदी मंत्रालय के उप मंत्री की अगुआई में एक संयुक्त कार्यदल का गठन किया गया है, जो उर्वरक उत्पादन, निवेश और भारत-विशेष वैकल्पिक उर्वरकों के विकास के लिए दीर्घकालिक सहयोग के अवसरों की पड़ताल करेगा।

जे. पी. नड्डा ने रास अल खैर स्थित माडेन की फॉस्फेट उत्पादन इकाई का दौरा भी किया, जहाँ उन्होंने उत्पादन प्रक्रियाओं का अवलोकन किया। माडेन सऊदी अरब की अग्रणी फर्टिलाइज़र कंपनी है और भारत उसका एक प्रमुख निर्यात गंतव्य बना हुआ है।

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