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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक: कृषि व्यापार, उर्वरक और बीज सहयोग को बढ़ावा देने पर हुआ समझौता

07 दिसंबर 2025, नई दिल्ली: भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक: कृषि व्यापार, उर्वरक और बीज सहयोग को बढ़ावा देने पर हुआ समझौता – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4 दिसंबर, 2025 को कृषि भवन में रूसी संघ की कृषि मंत्री सुश्री ओक्साना लुट के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें दोनों पक्षों ने मौजूदा सहयोग पर चर्चा की और भविष्य के सहयोग के क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार की।

दोनों देशों के मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत-रूस संबंध विश्वास, मित्रता और आपसी सहयोग पर आधारित हैं। श्री चौहान ने बढ़ते द्विपक्षीय कृषि व्यापार पर प्रकाश डाला, जो वर्तमान में लगभग 3.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। उन्होंने और अधिक संतुलित व्यापार की आवश्यकता पर बल दिया और भारतीय आलू, अनार और बीजों के निर्यात से संबंधित लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान के लिए रूस का धन्यवाद किया।

बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावना

कृषि वस्तुओं का व्यापार बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों ने भारत से खाद्यान्न और बागवानी उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं का पता लगाया। बैठक के दौरान, कृषि अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण में सहयोग को मजबूत करने के लिए आईसीएआर और फेडरल सेंटर फॉर एनिमल हेल्‍थ, रूस के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

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कृषि व्यापार, उर्वरक और बीज में बढ़ाएगे सहयोग  

मंत्री चौहान ने रूसी पक्ष को अगले वर्ष भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया। दोनों देशों ने कृषि व्यापार, उर्वरकों, बीजों, बाज़ार पहुंच और संयुक्त अनुसंधान में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई और नवाचार को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सुश्री लुट ने कृषि क्षेत्र में व्यापार बढ़ाने और सहयोग मजबूत करने में गहरी रुचि दिखाई।

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ये अधिकारी रहे मौजूद

कृषि मंत्री के अलावा, रूसी प्रतिनिधिमंडल में डिप्‍टी मिनिस्‍टर मैक्सिम मार्कोविच, डिप्‍टी मिनिस्‍टर सुश्री मरीना अफोनिना, एफएसवीपीएस के प्रमुख  सर्गेई डंकवर्ट और एशिया प्रभाग की निदेशक श्रीमती डारिया कोरोलेवा शामिल थे।

भारत का प्रतिनिधित्व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव देवेश चतुर्वेदी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव एम.एल. जाट और उर्वरक विभाग के सचिव रजत कुमार मिश्र, विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि , कृषि एवं किसान कल्‍याण विभाग के संयुक्त सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी कर रहे थे। 

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