Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: शिवराज सिंह बोले– चाय, कॉफी, मसालों से लेकर प्रोसेस्ड फूड तक किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

28 जनवरी 2026, नई दिल्ली: भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: शिवराज सिंह बोले– चाय, कॉफी, मसालों से लेकर प्रोसेस्ड फूड तक किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को भारत के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व और आर्थिक मजबूती का प्रतीक बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता केवल व्यापारिक करार नहीं है, बल्कि भारतीय कृषि, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसरों का द्वार खोलने वाला ऐतिहासिक कदम है।

कृषि उत्पादों को मिलेगा यूरोपीय बाजार में विस्तार
श्री चौहान ने कहा कि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते से भारत के प्रमुख कृषि उत्पादों को यूरोपीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। इसमें चाय, कॉफी, मसाले, टेबल अंगूर, खीरा, अचार वाली खीरा, सूखे प्याज, मीठा मक्का, चुनिंदा फल-सब्जियां और प्रोसेस्ड फूड उत्पाद शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता आपसी संवेदनशीलताओं का सम्मान करते हुए किया गया है, ताकि घरेलू कृषि प्राथमिकताओं के साथ-साथ निर्यात को भी संतुलित रूप से बढ़ाया जा सके।

किसानों को मिलेगा उचित मूल्य, बढ़ेंगे रोजगार के अवस

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिलेगा। साथ ही कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और निर्यात से जुड़े क्षेत्रों में नए निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

भारत की कृषि शक्ति दुनिया के सामने

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज भारत केवल खुद आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि पूरी दुनिया को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर है और देश की कृषि विकास दर ने हरित क्रांति के दौर को भी पीछे छोड़ दिया है। यह भारत की कृषि शक्ति और किसानों की मेहनत का परिणाम है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

कृषि और ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आयाम

FTA पर विस्तार से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत-EU समझौता कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, निर्यात और निवेश के क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत और दूरगामी कदम है।

नकली बीज और घटिया पेस्टिसाइड पर सख्ती

किसानों के हितों को सर्वोपरि बताते हुए  चौहान ने कहा कि नकली बीज और घटिया पेस्टिसाइड किसानों की कमर तोड़ देते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार जल्द ही सख्त पेस्टिसाइड अधिनियम और नया बीज अधिनियम लाने जा रही है, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण इनपुट मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।

विकसित गांव, मजबूत भारत का संकल्प

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रोजगारयुक्त, गरीबी-मुक्त और स्वावलंबी गांवों का निर्माण जरूरी है। इसी उद्देश्य से देश में ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ लागू किया जा रहा है, जिससे गांव संपूर्ण विकसित ग्राम के रूप में उभर सकेंगे और ग्रामीण भारत विकास की मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा होगा।

कुल मिलाकर, भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारतीय कृषि, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई शुरुआत है, जो देश को वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त बनाएगा।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture