Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ICAR ने शुरू किया NSP-DBT सिस्टम, 6 हजार से अधिक छात्रों के खातों में सीधे पहुंची ₹21.35 करोड़ की छात्रवृत्ति

11 अगस्त 2026, नई दिल्ली: ICAR ने शुरू किया NSP-DBT सिस्टम, 6 हजार से अधिक छात्रों के खातों में सीधे पहुंची ₹21.35 करोड़ की छात्रवृत्ति – नई प्रणाली के तहत ₹21.35 करोड़ की छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि 6 हजार से अधिक छात्रों के बैंक खातों में सीधे पहुंची है। इस व्यवस्था से छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ छात्रवृत्ति और फेलोशिप वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

समय पर सहायता मिलने से पूरा होता है छात्रवृत्ति का उद्देश्य

सिस्टम की शुरुआत करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी छात्रवृत्ति का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब सहायता छात्रों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा केवल करियर बनाने का रास्ता नहीं है, बल्कि देश की सेवा करने और भारतीय कृषि को बदलने का अवसर भी है। उन्होंने छात्रों और युवा वैज्ञानिकों से नवाचार, तकनीक और अनुसंधान को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने पर जोर दिया।

कृषि में विज्ञान और तकनीक की अहम भूमिका

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कृषि क्षेत्र में बदलाव लाने और युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाने में विज्ञान, तकनीक और नवाचार की भूमिका को रेखांकित किया। DARE के सचिव एवं ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कहा कि छात्रों का सशक्तिकरण अंततः किसानों की अधिक समृद्धि और बेहतर आजीविका में बदलना चाहिए। उन्होंने भविष्य के लिए तैयार कृषि शिक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile

NSP-DBT सिस्टम से सीधे आर्थिक सहायता

DARE के अतिरिक्त सचिव एवं वित्तीय सलाहकार संदीप सरकार ने NSP आधारित DBT सिस्टम की कार्यप्रणाली प्रस्तुत की। उन्होंने छात्रों तक सीधे वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए तैयार की गई सुव्यवस्थित प्रक्रिया की जानकारी दी। ICAR के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. यशपाल सिंह मलिक ने फेलोशिप को कृषि शिक्षा में सुधार का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि फेलोशिप ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें

छात्रों ने साझा किए अपने अनुभव

कार्यक्रम में ICAR-IARI के निदेशक डॉ. सी. श्रीनिवास राव ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस दौरान IARI के छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। छात्रों ने बताया कि समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी शिक्षा और अनुसंधान की यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोग करती है।

ICAR के अनुसार, इस पहल से पारदर्शी और जवाबदेह छात्रवृत्ति व्यवस्था को मजबूत किया गया है। नई व्यवस्था छात्रों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भारतीय कृषि के भविष्य को आकार देने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture