राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने पर भारत सरकार का जोर, खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य

14 अगस्त 2026, नई दिल्ली: दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ाने पर भारत सरकार का जोर, खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य – देश में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने और किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारत सरकार दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से किसानों को वित्तीय सहायता और प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।

भारत सरकार द्वारा इस दिशा में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन, राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों को संबंधित परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार विभिन्न प्रकार की सहायता और प्रोत्साहन दिए जाते हैं।

दलहन और तिलहन का उत्पादन बढ़ाना देश की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से खाद्य तेलों के मामले में आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर है।

सरकार के अनुसार, इन रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप घरेलू खाद्य तेल की उपलब्धता वर्ष 2030 तक 16 मिलियन टन और वर्ष 2047 तक 26.7 मिलियन टन तक बढ़ने की संभावना है। इससे देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता मजबूत हो सकती है।

फसल विविधीकरण से किसानों को भी लाभ मिल सकता है। पारंपरिक फसलों के साथ दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों को शामिल करने से खेती के जोखिम को कम करने और आय के अतिरिक्त अवसर पैदा करने में मदद मिल सकती है। सरकार का जोर अब उत्पादन बढ़ाने के साथ कृषि को अधिक विविध, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने पर है।

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