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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

किसान न केवल अन्नदाता बल्कि सही अर्थों में जीवनदाता – राष्ट्रपति मुर्मु

नई दिल्ली मे 62वां दीक्षांत समारोह संपन्न; 26 विषयों में 543 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री

09 फरवरी 2024, नई दिल्ली: किसान न केवल अन्नदाता बल्कि सही अर्थों में जीवनदाता – राष्ट्रपति मुर्मु – किसान न केवल अन्नदाता हैं, बल्कि सही अर्थों में जीवनदाता हैं- यह बात राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज ( 9 फरवरी 2024) भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के स्नातक विद्यालय का 62वां दीक्षांत समारोह पूसा, नई दिल्ली में कही। इस अवसर केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी उपस्थित रहे।

26 विषयों में 543 छात्र-छात्राओं को मिली डिग्री

समारोह में कृषि विज्ञान के 26 विषयों में 5 विदेशी छात्रों सहित 543 छात्र-छात्राओं को डिग्री प्रदान की गई, साथ ही प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर, श्री मुंडा ने आईएआरआई के प्रकाशनों का विमोचन किया एवं नई वैरायटीज को जारी कर इन्हें राष्ट्रपति को भेंट किया।

आईएआरआई ने 200 से ज्यादा तकनीकों का किया विकास

कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि आईएआरआई ने भारत द्वारा खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने में अतुलनीय योगदान दिया है। इस संस्थान ने न केवल कृषि से जुड़े अनुसंधान व विकास कार्यों को दक्षतापूर्वक किया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि ऐसी जानकारी प्रयोगशाला के बाहर धरातल पर जाकर मूर्त रूप ले सकें। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि संस्थान ने 200 से ज्यादा नई तकनीकों का विकास किया है। वर्ष 2005 से 2020 के बीच ही आईएआरआई ने 100 से ज्यादा वैरायटीज विकसित की है और 100 से अधिक पेटेंट्स अपने नाम की हैं।

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देश की अर्थव्यवस्था में किसानों का अहम योगदानः श्रीमति मुर्मू

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में एक बहुत बड़ी जनसंख्या कृषि से जीविका अर्जन करती है। कृषि का भारत के सकल घरेलू उत्पाद में भी महत्वपूर्ण योगदान है। एक कृषि प्रधान परिवार से आने के कारण मैं जानती हूं कि किसान खाद्यान्न उपलब्ध कराकर कितनी संतुष्टि का अनुभव करता है। देश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होने में किसानों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, नई कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने व सुचारू सिंचाई प्रणाली प्रदान करने के लिए काम कर रही है। सरकार ने किसानों की आय में वृद्धि के लिए सभी फसलों की एमएसपी में महत्वपूर्ण वृद्धि की है।

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विकसित राष्ट्र की यात्रा का किसान होगा अग्रदूत

उन्होंने कहा कि हम सब किसानों व कृषि संबंधी समस्याओं से अवगत हैं। किसान को उसकी उपज का सही मूल्य मिले, वह अभावग्रस्त जीवन से समृद्धि की ओर बढ़े, इस दिशा में हमें और भी अधिक तत्परता से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 में जब भारत विकसित राष्ट्र बनकर उभरेगा, तब किसान इस यात्रा का अग्रदूत होगा। श्रीमती मुर्मु ने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि किसान के हल की नोक से खींची गई रेखा सभ्यता के पूर्व के समाज और विकसित समाज के बीच की रेखा है।

ये रहे मौजूद

समारोह में डेयर के सचिव व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक भी मौजूद थे। आईएआरआई के निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने स्वागत भाषण दिया। डीन डा. अनुपमा सिंह ने अकादमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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