खेती करने वाली महिलाओं को किसान की पहचान दिलाने के लिए करेंगे प्रयास: शिवराज सिंह चौहान
18 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: खेती करने वाली महिलाओं को किसान की पहचान दिलाने के लिए करेंगे प्रयास: शिवराज सिंह चौहान – मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के सांची में शुक्रवार को महिला किसान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी में महिलाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खेती करने वाली महिलाओं को औपचारिक रूप से महिला किसान की पहचान दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
खेती करने वाली महिलाओं को मिले किसान की पहचान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेती में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाएं खेतों में काम करने के साथ पशुपालन, दूध उत्पादन, चारा प्रबंधन और पशुओं की देखभाल जैसे कई काम करती हैं। इसके बावजूद उन्हें औपचारिक रूप से किसान की पहचान दिलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसान की पहचान केवल जमीन के स्वामित्व के आधार पर नहीं, बल्कि खेती में उसके वास्तविक योगदान के आधार पर भी होनी चाहिए। जो महिलाएं अपने हाथों से खेती करती हैं, वे महिला किसान हैं। कृषि मंत्री के रूप में वे इस मुद्दे को संबंधित मंचों पर मजबूती से उठाएंगे, ताकि महिलाओं को उनकी मेहनत के अनुरूप पहचान और सम्मान मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि खेती का दायरा केवल अनाज उत्पादन तक सीमित नहीं है। फल-सब्जियों और औषधीय पौधों की खेती के साथ मछली पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन भी कृषि से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियां हैं। इन सभी क्षेत्रों में महिलाएं अहम भूमिका निभाती हैं।
रायसेन-विदिशा से शुरू होगा हर परिवार को आजीविका से जोड़ने का अभियान
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रायसेन और विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऐसा अभियान शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर गांव के प्रत्येक परिवार को कम से कम एक आजीविका के साधन से जोड़ना है। इस पहल के जरिए गांवों को गरीबी से मुक्त करने और परिवारों की आय के स्थायी स्रोत विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गरीबी दूर करने के लिए केवल सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवारों को रोजगार और कमाई के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके लिए खेती, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा। इस अभियान में महिला किसानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
महिला किसान छोटे उद्योगों से बढ़ेंगी आगे
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को पारंपरिक कार्यों तक सीमित रहने के बजाय कृषि आधारित छोटे उद्योगों की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए। बड़ी, पापड़ और अचार बनाने के साथ बकरी पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसे कामों को उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में दलहन का अधिक उत्पादन होता है, वहां छोटी दाल मिल स्थापित की जा सकती है। इसी तरह तेल उत्पादन, टमाटर से केचप बनाने और दूसरे कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग से जुड़े छोटे उद्योग शुरू किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसे उद्यम शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, मशीनें और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इससे वे अपने उत्पादों का मूल्य बढ़ाकर अधिक आय अर्जित कर सकेंगी और आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
महिला उद्यमियों को वित्तीय और तकनीकी सहायता पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिला किसानों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सेवाओं, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, लाइसेंस और दस्तावेजीकरण जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने कम या बिना गारंटी वाले ऋण की उपलब्धता के लिए प्रयास करने की बात भी कही, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी महिलाओं के उद्यम शुरू करने में बाधा न बने। उन्होंने महिला-केंद्रित उद्यमिता योजनाओं की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को छोटे उद्योग स्थापित करने और उनका विस्तार करने के लिए आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
महिला किसान मंच से मिलेगा सहयोग और मार्गदर्शन
शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसान मंच की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को ऐसा मंच मिलना चाहिए, जहां वे एक-दूसरे से सीख सकें, अपने अनुभव साझा कर सकें और मिलकर आगे बढ़ने के रास्ते तलाश सकें। इस मंच पर पुरुष भी सहभागी बनेंगे। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। उन्हें अवसर, सम्मान और सहयोग उपलब्ध कराकर परिवार और देश के विकास में उनकी भागीदारी को और मजबूत किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 सड़कों का भूमिपूजन
सांची दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से गांवों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़कों के शिलान्यास से जुड़े पत्थर संबंधित गांवों में लगाए जाएं और निर्माण कार्य शुरू होने पर गांव में ही कार्यक्रम आयोजित किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
सांची क्षेत्र में गरीबों को पक्के मकान दिलाना प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना उनके विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सांची विधानसभा क्षेत्र में आवास स्वीकृति के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में 3,081 और वर्ष 2024-25 में 5,035 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 218 और धरती आबा योजना के तहत 246 मकान स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में किए गए सर्वे में सांची विधानसभा क्षेत्र में 22,477 अतिरिक्त मकानों की आवश्यकता सामने आई है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जिन परिवारों के पास कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे पूरा हो चुका है, उन्हें पक्के मकान बनाने के लिए सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास मिल सके।
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