महिला किसान दिवस 2026: कृषि में योगदान के लिए उत्कृष्ट महिला किसानों को किया गया सम्मानित
17 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: महिला किसान दिवस 2026: कृषि में योगदान के लिए उत्कृष्ट महिला किसानों को किया गया सम्मानित – भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में महिला किसान दिवस 2026 मनाया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कृषि में महिला किसानों के अमूल्य योगदान को पहचान देना और कृषि विकास के साथ विकसित भारत के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना था।
खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका में महिलाओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतीश चंद्रा ने कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला किसान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और कृषि विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया। इसके तहत प्रत्यक्ष आय सहायता, किफायती संस्थागत ऋण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, कौशल विकास, कृषि यंत्रीकरण और कृषि विपणन से जुड़ी सुविधाओं तक महिलाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं।
‘विकसित कृषि और विकसित भारत’ रही कार्यक्रम की थीम
महिला किसान दिवस 2026 की थीम ‘विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका’ रखी गई। इस विषय के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने और ग्रामीण समृद्धि में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आईं प्रगतिशील महिला किसानों, महिला कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
उत्कृष्ट महिला किसानों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली उत्कृष्ट महिला किसानों को सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से कृषि गतिविधियों और ग्रामीण उद्यमिता में उनके समर्पण, संघर्षशीलता, नवाचार और नेतृत्व को मान्यता दी गई। इस अवसर पर ‘विमेन फार्मर्स ऑफ इंडिया: जर्नी फ्रॉम चैलेंजेज टू सक्सेस’ (भारत की महिला किसान: चुनौतियों से सफलता तक का सफर) नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में महिला किसानों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों को संकलित किया गया है। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उनके योगदान, उपलब्धियों, नवाचारों और संघर्ष से सफलता तक के सफर को प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और उद्यमशीलता को सामने लाने का प्रयास किया गया है।
महिला किसानों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में महिला किसानों और कृषि प्रसार कार्यकर्ताओं को अपने अनुभव साझा करने का अवसर भी मिला। कुछ प्रतिभागियों ने सभा को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में अपने सफर, चुनौतियों, उपलब्धियों और योगदान के बारे में बताया। उनके अनुभवों ने उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाने, ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने और अन्य महिलाओं को कृषि विकास में भागीदारी के लिए प्रेरित करने में महिलाओं की भूमिका को उजागर किया।
खेती से लेकर मूल्यवर्धन तक महिलाओं का योगदान
महिला किसान कृषि मूल्य शृंखला के विभिन्न चरणों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसमें फसल उत्पादन, पशुधन प्रबंधन, बीज संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन, कटाई के बाद की गतिविधियां और कृषि उत्पादों का मूल्यवर्धन शामिल है। महिलाओं का पारंपरिक ज्ञान, उद्यमशीलता और नवाचार के साथ जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाना भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण है। वहीं, महिला कृषि अधिकारी और कृषि प्रसार कार्यकर्ता कृषि अनुसंधान तथा किसानों के बीच की दूरी कम करने में मदद करती हैं। प्रशिक्षण, नई तकनीकों की जानकारी, जागरूकता और सरकारी योजनाओं के संबंध में मार्गदर्शन देकर वे महिला किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इससे उन्हें आवश्यक जानकारी और संस्थागत सहयोग प्राप्त करने में मदद मिलती है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी मनाया जा रहा महिला किसान दिवस
महिला किसान दिवस 2026 का आयोजन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ कृषि प्रसार शिक्षा संस्थानों (ईईआई), राज्य कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थानों (एसएएमईटीआई) और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (मैनेज-MANAGE) में भी किया जा रहा है। इन आयोजनों में महिला किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य हितधारकों की भागीदारी हो रही है। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों की महिला किसानों की भागीदारी पर जोर दिया गया है। इस आयोजन के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, उन्हें तकनीक और संसाधनों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने तथा क्षमता विकास और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
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