दिल्ली में 27 अक्टूबर से शुरू होगा ईएसटीआईसी-2026, कृषि तकनीक और खाद्य प्रणाली पर होगी चर्चा
16 अक्टूबर 2026, नई दिल्ली: दिल्ली में 27 अक्टूबर से शुरू होगा ईएसटीआईसी-2026, कृषि तकनीक और खाद्य प्रणाली पर होगी चर्चा – विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए 27 से 29 अक्टूबर, 2026 तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में उभरते विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी-2026) का आयोजन किया जाएगा। इसमें कृषि तकनीक, खाद्य प्रणाली और पोषण पर विशेष चर्चा होगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) इस सम्मेलन में भाग लेकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, डिजिटल कृषि, उन्नत फसल सुधार और टिकाऊ खेती से जुड़े अपने नवाचारों को प्रदर्शित करेगी।
इस सम्मेलन से पहले 15 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल स्थित आईसीएआर-केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान में परिचयात्मक कार्यक्रम और मीडिया संवाद आयोजित किया जाएगा। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान ईएसटीआईसी-2026 में आईसीएआर की भागीदारी और कृषि क्षेत्र में उभरती तकनीकों की भूमिका पर चर्चा होगी।
कृषि तकनीक, खाद्य प्रणाली और पोषण पर होगा विशेष सत्र
ईएसटीआईसी-2026 के 12 प्रमुख विषयगत सत्रों में से एक सत्र कृषि तकनीक, खाद्य प्रणाली और पोषण पर केंद्रित होगा। यह सत्र 29 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इसकी अध्यक्षता डीएआरई के सचिव एवं आईसीएआर के महानिदेशक तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव करेंगे। इस सत्र में मुख्य संबोधन के साथ डीप-टेक स्टार्टअप के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ), एक महिला उद्यमी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुखों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके बाद पैनल चर्चा होगी। इसका उद्देश्य कृषि अनुसंधान, नवाचार और नई तकनीकों के माध्यम से खाद्य प्रणाली को बेहतर बनाने की संभावनाओं पर विचार करना है।
खेती में एआई, रोबोटिक्स और जीन एडिटिंग पर रहेगा जोर
सम्मेलन में आईसीएआर की भागीदारी के तहत कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल और अनुसंधान से जुड़े नवाचारों को सामने रखा जाएगा। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, डिजिटल कृषि, उन्नत फसल सुधार, जीन एडिटिंग और टिकाऊ कृषि प्रणालियां शामिल हैं। आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), आईसीएआर-राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी संस्थान और आईसीएआर-राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं सहित कई कृषि वैज्ञानिक सम्मेलन में वक्ताओं के रूप में शामिल होंगे।
इसके अलावा, आईसीएआर सम्मेलन की प्रदर्शनी में कृषि तकनीक, खाद्य प्रणाली और पोषण से संबंधित अपने नवाचारों का प्रदर्शन करेगा। इससे कृषि अनुसंधान में हो रही प्रगति और खेती में नई तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं को सामने लाने का अवसर मिलेगा।
कई मंत्रालयों और वैज्ञानिक संस्थानों के प्रतिनिधि होंगे शामिल
ईएसटीआईसी-2026 विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सरकार, शोध संस्थानों, उद्योगों और स्टार्टअप के बीच सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों के साथ शोधकर्ता, नवोन्मेषक, नीति निर्माता, वित्तपोषण एजेंसियां, उद्योगपति और वैश्विक विशेषज्ञ भाग लेंगे।
सम्मेलन में परमाणु ऊर्जा विभाग, आयुष मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, आईसीएआर, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और दूरसंचार विभाग सहित कई प्रमुख संस्थानों की भागीदारी रहेगी। इसमें नोबेल पुरस्कार विजेता और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को मिलेगा बढ़ावा
ईएसटीआईसी-2026 का आयोजन भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा किया जा रहा है। राष्ट्रीय अंतःविषयक विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईआईएसटी) इसका आयोजन भागीदार है। तीन दिवसीय यह सम्मेलन अत्याधुनिक अनुसंधान, उभरती तकनीकों और डीप-टेक नवाचारों को प्रदर्शित करने के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगा। आईसीएआर की भागीदारी का उद्देश्य विकसित भारत@2047 की परिकल्पना के अनुरूप टिकाऊ और तकनीक आधारित कृषि एवं खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने में योगदान देना है।
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