राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ग्लाइफोसेट के इस्तेमाल पर शिकंजा, प्रशिक्षित कर्मियों से उपयोग की सिफारिश

13 अगस्त 2026, नई दिल्ली: ग्लाइफोसेट के इस्तेमाल पर शिकंजा, प्रशिक्षित कर्मियों से उपयोग की सिफारिश – भारत में ग्लाइफोसेट के उपयोग को लेकर पंजीकरण समिति ने इसे सीमित रखने और प्रशिक्षित कर्मियों या कीट नियंत्रण संचालकों के माध्यम से ही इसके इस्तेमाल की व्यवस्था बनाए रखने का निर्णय लिया है। समिति ने कहा कि इससे काम के दौरान होने वाले संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने और ग्लाइफोसेट के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद मिलेगी।

यह निर्णय 30 जुलाई 2026 को हुई पंजीकरण समिति की 474वीं बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता कृषि आयुक्त एवं पंजीकरण समिति के अध्यक्ष डॉ. पी. के. सिंह ने की। बैठक हरियाणा के फरीदाबाद स्थित पौध संरक्षण सलाहकार सचिवालय में आयोजित हुई।

विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर विचार

बैठक में ग्लाइफोसेट के सीमित उपयोग पर विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर विचार किया गया। पौध संरक्षण सलाहकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समूह को ग्लाइफोसेट के उपयोग से संबंधित नए वैज्ञानिक साक्ष्यों और कीटनाशक उद्योग संगठनों की ओर से हाल में प्रस्तुत की गई जानकारी की वैज्ञानिक समीक्षा का जिम्मा दिया गया था।

पंजीकरण समिति ने विशेषज्ञ समूह की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ग्लाइफोसेट से जुड़े अपने पिछले निर्णयों और चर्चाओं पर भी विचार किया।

समिति ने कहा कि इस मामले में सावधानी के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए ग्लाइफोसेट के उपयोग को सीमित किया जाना आवश्यक है। समिति को बिना किसी प्रतिबंध के ग्लाइफोसेट के निरंतर उपयोग के पक्ष में पर्याप्त वैज्ञानिक आधार नहीं मिला।

प्रशिक्षित कर्मियों के माध्यम से इस्तेमाल

पंजीकरण समिति ने निर्णय लिया कि ग्लाइफोसेट का उपयोग प्रशिक्षित कर्मियों या कीट नियंत्रण संचालकों के माध्यम से कराया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य खेतों में इसके छिड़काव के दौरान काम करने वाले लोगों के लिए संभावित जोखिम को कम करना और इसके दुरुपयोग को रोकना है।

समिति ने केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति के सचिव को यह निर्णय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को भेजने का निर्देश दिया है, ताकि विभाग इस मामले में उचित अंतिम निर्णय ले सके।

मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन

बैठक के कार्यवृत्त में यह भी उल्लेख किया गया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत ग्लाइफोसेट के मुद्दे की समीक्षा कर रहा है और मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसलिए 30 जुलाई की बैठक का निर्णय अपने आप में ग्लाइफोसेट पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने का निर्णय नहीं है, बल्कि इसके सीमित उपयोग को लेकर पंजीकरण समिति का निर्णय है।

भारत में ग्लाइफोसेट के उपयोग पर पहले भी नियामकीय प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। वर्ष 2022 के आदेश के तहत ग्लाइफोसेट के उपयोग को कीट नियंत्रण संचालकों तक सीमित किया गया था।

474वीं बैठक में पौध संरक्षण, कृषि अनुसंधान, औषधि नियंत्रण, विष विज्ञान और अन्य संबंधित क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ भी शामिल हुए।

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