असम में कृषि-ग्रामीण विकास पर केंद्र का फोकस, चाय बागान श्रमिकों को मिलेगा आवास योजना का लाभ, मनरेगा फंड स्वीकृत
03 जून 2026, नई दिल्ली: असम में कृषि-ग्रामीण विकास पर केंद्र का फोकस, चाय बागान श्रमिकों को मिलेगा आवास योजना का लाभ, मनरेगा फंड स्वीकृत – केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को हिमंत बिस्वा सरमा के साथ नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में बैठक कर असम में कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में राज्य के कृषि एवं ग्रामीण विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सहमति बनी।
बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में असम के कृषि और ग्रामीण विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष (AIF), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G), मनरेगा तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं का अधिकतम लाभ राज्य को दिलाने का आश्वासन दिया।
चाय बागान श्रमिकों को मिलेगा आवास योजना का लाभ
बैठक में असम सरकार द्वारा चाय बागान (टी-गार्डन) श्रमिकों को भूमि का मालिकाना हक (पट्टा) दिए जाने के कदम की सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि इन श्रमिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार विशेष सर्वे विंडो खोलेगी। इसके माध्यम से पात्र लाभार्थियों के नाम डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किए जाएंगे और उन्हें योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
मनरेगा के लिए राशि आवंटित
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और मनरेगा प्रणाली से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि असम सरकार की मांग के अनुरूप मनरेगा के तहत राशि आवंटित कर दी गई है। साथ ही जानकारी दी गई कि आगामी 1 जुलाई से देशभर में मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत-रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को सौंपा कृषि कार्ययोजना का प्रारूप
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने असम की जलवायु और मिट्टी की विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार कृषि कार्ययोजना (एग्रीकल्चर एक्शन प्लान) का प्रारूप मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को सौंपा। इस योजना का उद्देश्य राज्य में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
‘लखपति दीदी’ अभियान में असम की उपलब्धि
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में असम ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में लक्ष्य से अधिक 9 लाख से ज्यादा महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया गया है। इन महिला उद्यमियों को और मजबूत बनाने के लिए असम एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के इनक्यूबेटर्स के साथ मिलकर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
कृषि यंत्रीकरण और ऑयल पाम मिशन पर जोर
बैठक में कृषि यंत्रीकरण, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-ऑयल पाम (NMEO-OP) के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की गई। कृषि मंत्रालय के अधिकारियों ने महिला किसानों को कृषि पावर वीडर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।
1500 नए बांस पॉलीहाउस को मंजूरी
सुरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए असम में इस वर्ष 1,500 नए बांस पॉलीहाउस स्वीकृत किए गए हैं। वहीं कृषि अवसंरचना को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पेस्टिसाइड टेस्टिंग लैब और खाद्य तेल परीक्षण प्रयोगशाला भवनों को मंजूरी दी गई है।
जैविक उत्पादों के निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
असम के जैविक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए APEDA और नेशनल ऑर्गेनिक कोऑपरेटिव लिमिटेड के साथ साझेदारी की जा रही है। इससे किसानों को विपणन, निर्यात और तकनीकी सहायता प्राप्त होगी। बैठक में राज्य की समृद्ध जैव-विविधता को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
कृषि अनुसंधान और भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण पर चर्चा
बैठक में कृषि अनुसंधान केंद्रों को मजबूत बनाने, मसाला फसलों और राज्य पुष्प ‘फॉक्सटेल ऑर्किड’ के विकास के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने पर चर्चा की गई। साथ ही कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के कर्मचारियों के लंबित पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ संबंधी मामलों पर भी विचार किया गया।
भूमि संसाधन विभाग के सचिव नरेंद्र भूषण ने बताया कि असम में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त किया।
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