राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

जायद फसलों की बंपर बुआई: 83 लाख हेक्टेयर पार पहुंचा रकबा, दलहन, तिलहन और मक्का की खेती में बड़ा उछाल

20 मई 2026, नई दिल्ली: जायद फसलों की बंपर बुआई: 83 लाख हेक्टेयर पार पहुंचा रकबा, दलहन, तिलहन और मक्का की खेती में बड़ा उछाल – देश में ग्रीष्मकालीन फसलों की बुवाई ने इस वर्ष रफ्तार पकड़ ली है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 15 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के अंतर्गत कुल 83.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 80.01 लाख हेक्टेयर था। इस प्रकार कुल क्षेत्रफल में 3.07 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

जारी आंकड़ों के अनुसार दालें, श्रीअन्न-मोटे अनाज और तिलहन फसलों के रकबे में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि धान के क्षेत्रफल में पिछले वर्ष की तुलना में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। 

दालों की खेती में बढ़ी रुचि

इस वर्ष दालों की बुवाई में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 15 मई 2026 तक दालों की बुवाई 24.97 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 23.76 लाख हेक्टेयर था। यानी दालों के क्षेत्रफल में 1.21 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है।

मूंग और उड़द की खेती में किसानों की रुचि लगातार बढ़ रही है। मूंग की बुवाई 20.07 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि उड़द का रकबा बढ़कर 4.60 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार दलहनी फसलों की बढ़ती मांग और बेहतर बाजार मूल्य के कारण किसान इन फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

श्रीअन्न और मक्का का बढ़ा दायरा

सरकार द्वारा श्रीअन्न को बढ़ावा दिए जाने का असर अब खेतों में भी दिखाई देने लगा है। मोटे अनाजों के अंतर्गत कुल 16.01 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.77 लाख हेक्टेयर अधिक है।

मक्का की खेती में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वर्ष मक्का का रकबा 10 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 8.50 लाख हेक्टेयर था। वहीं बाजरा, ज्वार और रागी के क्षेत्रफल में भी वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटे अनाजों की बढ़ती मांग, पोषण महत्व और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के चलते किसान इनकी खेती बढ़ा रहे हैं।

तिलहन फसलों की खेती में भी तेजी

तिलहन फसलों का कुल क्षेत्रफल इस वर्ष 11.04 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 1.47 लाख हेक्टेयर अधिक है।

मूंगफली की खेती में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। 15 मई तक मूंगफली की बुवाई 5.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई, जबकि पिछले वर्ष यह 4.20 लाख हेक्टेयर थी। इसके अलावा तिल और सूरजमुखी के रकबे में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

धान के रकबे में हल्की गिरावट

हालांकि इस वर्ष धान के क्षेत्रफल में मामूली कमी दर्ज की गई है। 15 मई 2026 तक धान की बुवाई 31.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 32.42 लाख हेक्टेयर था। यानी धान के रकबे में 1.36 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण, कम पानी वाली फसलों की ओर बढ़ते रुझान और फसल विविधीकरण की रणनीति के कारण कई क्षेत्रों में किसान धान की जगह अन्य फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

15 मई 2026 तक ग्रीष्मकालीन फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल कवरेज 

क्र.सं.फसलेंसामान्य ग्रीष्मकालीन क्षेत्र (डीईएस)अंतिम ग्रीष्मकालीन क्षेत्र 2025चालू वर्ष (2026)पिछले वर्ष (2025) की समान अवधिबढ़ोतरी/कमी
1चावल31.4933.2831.0532.42-1.36
2दालें23.427.0724.9723.761.21
2Aमूंग20.4423.4920.07200.07
2Bउड़द2.963.584.63.581.02
2Cअन्य दालें00.30.190.11
3श्रीअन्न-मोटे अनाज12.0814.0616.0114.251.77
3Aज्वार0.340.360.370.360.01
3Bबाजरा4.435.25.45.20.2
3Cरागी0.310.220.160.06
3Dछोटा बाजरा0.020.030.030
3Eमक्का6.988.5108.51.5
4तिलहन8.49.5111.049.581.47
4Aमूंगफली3.44.25.514.21.31
4Bसूरजमुखी0.340.350.390.350.04
4Cतिल4.664.965.074.960.11
4Dअन्य तिलहन00.070.060
कुलकुल क्षेत्रफल75.3783.9283.0880.013.07


आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements