जैव प्रौद्योगिकी से टोमैटो लीफ कर्ल के विरुद्ध प्रभावी रक्षा रणनीति

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17 अगस्त 2021, नई दिल्ली । जैव प्रौद्योगिकी से  टोमैटो लीफ कर्ल  के विरुद्ध प्रभावी रक्षा रणनीति – टमाटर के पत्तों के मुड़ जाने वाले (टोमैटो लीफ कर्ल ) नई दिल्ली विषाणु (वायरस)  (टीओएलसीएनडीवी) के संक्रमण से दुनिया भर में टमाटर की उपज में भारी नुकसान होता है। टीओएलसीएनडीवी के खिलाफ प्रतिरोध (आर) गुणसूत्र (जीन) के बारे में जानकारी के अभाव ने तेजी से फैलने वाले इस रोग ज़नक़ विषाणु के कारण फसल सुधार की गति को काफी धीमा कर दिया है। टीओएलसीएनडीवी और संबंधित विषाणु वायरस के विरुद्ध विषाणु रोधी गुणसूत्रों (एंटीवायरल जीन) की पहचान करने के लिए कई प्रयास किए गए हैं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांट जीनोमिक्स रिसर्च-एनआईपीजीआर) के वैज्ञानिकों ने टीओएलसीएनडीवी के खिलाफ प्रतिरोधी टमाटर की खेती द्वारा अपनाई गई एक प्रभावी रक्षा रणनीति के बारे में जानकारी दी है। यह उस एसडब्ल्यू5ए (R जीन) का उपयोग करता करता है जो इस वायरस के प्रसार को प्रतिबंधित करने के लिए टीओएलसीएनडीवी के एसी4 प्रोटीन (विषाणु प्रभावकर्ता-वायरल इफ़ेक्टर) को पहचानता है। लिप्यान्तरण (ट्रांसक्रिप्शनल) स्तर पर एसएलवाई-एमआईआर-159-एसआईएमवाईबी33 मॉड्यूल को एसडब्ल्यू5ए की नियंत्रक गुणसूत्र (जीन) अभिव्यक्ति के रूप में पहचाना गया है। इस प्रकार जांचकर्ताओं ने टीओएलसीएनडीवी के खिलाफ टमाटर में एसएलवाई- एमआईआर-159-एसआईएमवाईबी33-नियंत्रित एसडब्ल्यू5ए–मध्यस्थता वाली रक्षा प्रतिक्रिया में एक यंत्रवत अंतर्दृष्टि प्रदान की है। इन निष्कर्षों का आधुनिक प्रजनन या आणविक परिकल्पना  के माध्यम से टमाटर की अतिसंवेदनशील प्रजातियों में प्रतिरोध के गुणों के विकास में अनुप्रयोग  किया जा सकता है। यह शोध कार्य प्रोसीडिंग ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (पीएनएएस 17 अगस्त, 2021 118 (33) ई2101833118;ttps://doi.org/10.1073/pnas.2101833118) में प्रकाशित हुआ था ।


जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) की सचिव डॉ. रेणु स्वरूप ने डॉ. मनोज प्रसाद और उनकी टीम को इस महत्वपूर्ण कार्य, जिसे अब टमाटर की फसल की उपज में सुधार के लिए अपनाया जा सकता है, के लिए बधाई दी । डॉ. स्वरूप ने यह भी कहा कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप कृषि जैव प्रौद्योगिकी में कई नई पहलें  की हैं।

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