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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

संसद में मिलेट्स सहभोज में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री हुए शामिल

कृषि मंत्रालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष के उपलक्ष में आयोजन 

21 दिसम्बर 2022, नई दिल्ली: संसद में मिलेट्स सहभोज में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री हुए शामिल – केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा आज संसद परिसर में सांसदों के लिए ‘विशेष मिलेट्स लंच’ आयोजित कर देश-दुनिया में मिलेट्स को बढ़ावा देने की बड़ी पहल की गई। वर्ष 2023 में अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष मनाने की तैयारी की दृष्टि से, आयोजन में उपराष्ट्रपति व राज्यसभा के सभापति श्री जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर श्री ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश, पूर्व प्रधानमंत्री श्री एच.डी. देवगौड़ा, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जे.पी. नड्डा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस के नेता श्री अधीरंजन चौधरी, राज्यसभा में सदन के नेता व केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल सहित अन्य मंत्रियों व राज्यसभा व लोकसभा के सदस्यों ने शामिल होकर ज्वार, बाजरा, रागी जैसे पोषक-अनाज से तैयार व्यंजनों का स्वाद लिया और दिल खोलकर इनकी तथा समग्र आयोजन की तारीफ की व मिलेट्स ईयर का स्वागत किया।

रधानमंत्री श्री मोदी की पहल तथा भारत सरकार के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया है, जिसे देशभर के साथ ही वैश्विक स्तर पर उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोरों पर चल रही है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, मिलेट्स की मांग और स्वीकार्यता बढ़ाने के उद्देश्य से, इसके विषय में जागरूकता के प्रसार के लिए सभी के साथ मिलकर अनेक कदम उठा रहा है।

केंद्रीय मंत्री तोमर का कहना है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी चाहते हैं हमारे प्राचीन पोषक-अनाज को भोजन की थाली में पुनः सम्मानजनक स्थान मिलें। साथ ही, यह पहल दीर्घकाल में मिलेट्स की खेती करने वाले किसानों को लाभकारी प्रतिफल सुनिश्चित करेगी।

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यह उत्सवीय वर्ष मनाने की पूर्व तैयारी के मद्देनजर मिलेट्स से बने सुस्वा‍दु व्यंजनों के साथ संसद परिसर में सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें उपराष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के विशेष सान्निध्य में मंत्रियों-सांसदों सहित दोनों सदनों में विभिन्न दलों के नेताओं ने मिलेट्स का स्वादानुभव किया। लंच में भारतीय पोषक-अनाज से बनाए गए विभिन्न प्रकार के शानदार व्यंजनों को प्रदर्शित करने के लिए क्यूरेटेड मिलेट्स-आधारित बुफे के तहत कई आयटम्स परोसी गई।

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संसद के प्रांगण को मिलेट्स आधारित रंगोली से खूबसूरती से सजाया गया था और देशभर की प्राथमिक पोषक-अनाज फसलों को यहां प्रदर्शित किया गया, जिसका अवलोकन उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ व प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किया। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और अन्य संबंधित हितधारकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष के लिए विभिन्न प्रचार कार्यक्रमों का एक चित्र कोलाज भी यहां प्रदर्शित किया गया। कर्नाटक व राजस्थान के रसोइयों के समूहों ने आयोजन के लिए विभिन्न व्यंजन बनाएं।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) द्वारा हाल ही में रोम (इटली) में अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष का शुभारंभ समारोह आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में भारतीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ था। मिलेट्स प्राचीन व शुष्क भूमि की महत्वपूर्ण फसलें हैं। छोटे दाने वाली इन अत्यधिक पौष्टिक अनाज-खाद्य फसलों को कम वर्षा में सीमांत मिट्टी/कम उपजाऊ मिट्टी व उर्वरक तथा कीटनाशक जैसे इनपुट की कम मात्रा में उगाया जाता है। मिलेट्स का मूल भारत है, जिनकी पोषक-अनाज के रूप लोकप्रियता रही है, क्योंकि सामान्य कामकाज के लिए ये आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं। मिलेट्स एशिया एवं अफ्रीका में कृषि के रूप में अपनाई जाने वाली पहली फसल थी, जो बाद में विश्वभर में विकसित सभ्यता के लिए महत्वपूर्ण खाद्य स्रोत के रूप में फैल गई।

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