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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

BIMSTEC: भारत-नेपाल-भूटान के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा, काठमांडू में अहम बैठकें

10 अप्रैल 2025, नई दिल्ली: BIMSTEC: भारत-नेपाल-भूटान के बीच कृषि सहयोग को नई दिशा, काठमांडू में अहम बैठकें – भारत के केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने काठमांडू में आयोजित तीसरी बिम्सटेक(BIMSTEC) मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान नेपाल और भूटान के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं कीं। इस दौरान नेपाल के साथ कृषि क्षेत्र में सहयोग के लिए एक नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो 1991 के पुराने समझौते की जगह लेगा।

चौहान ने नेपाल के कृषि और पशुधन विकास मंत्री रामनाथ अधिकारी के साथ बैठक में दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग की समीक्षा की। इस नए समझौते का उद्देश्य फसल उत्पादकता, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, कृषि अनुसंधान, क्षमता निर्माण, बाजार पहुंच, कृषि व्यापार और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देना है। दोनों पक्षों ने संयुक्त कृषि कार्य समूह (JAWG) की बैठकें आयोजित करने और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) व नेपाल कृषि अनुसंधान परिषद (NARC) के बीच सहयोग पर चर्चा की।

बैठक में नेपाल के चितवन में प्रस्तावित एग्रो-इंडस्ट्रियल पार्क की प्रगति पर भी बात हुई। इसके अलावा, भारत के हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP) के तहत चल रहे कृषि प्रोजेक्ट्स और पशुधन क्षेत्र में सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों के कृषि शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को भी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

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चौहान ने भूटान के कृषि और पशुधन मंत्री ल्योंपो योंतेन फुंतशो के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान सिंचाई चैनलों और मेगा फार्म्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। भूटान ने संसाधनों की कमी का जिक्र करते हुए भारत से अपनी परियोजनाओं के लिए अधिक वित्तीय सहायता की मांग की। दोनों देशों के बीच जल्द ही तकनीकी सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना पर भी बात हुई।

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इसके अलावा, चौहान ने नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-नेपाल के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की। इस दौरान चितवन में एग्रो-इंडस्ट्रियल पार्क और नेपाल में उर्वरक संयंत्र स्थापित करने जैसे प्रस्तावों पर भी बात हुई।

BIMSTEC के तहत क्षेत्रीय सहयोग की जरूरत पर जोर

बिम्सटेक के महासचिव इंद्रमणि पांडे के साथ मुलाकात में चौहान ने जलवायु परिवर्तन, संसाधन की कमी और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रीय मुद्दों पर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बिम्सटेक देशों के बीच 2023-27 की कार्ययोजना को लागू करने की बात कही। साथ ही, भारत की ओर से बिम्सटेक कृषि छात्रवृत्ति कार्यक्रम और बीज क्षेत्र, पशु स्वास्थ्य, कीट प्रबंधन, नैनोटेक्नोलॉजी और रिमोट सेंसिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।

इस यात्रा के दौरान चौहान के साथ भारत के नेपाल में राजदूत नवीन श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव सैमुअल प्रवीण कुमार, ICAR के उप महानिदेशक (फसल विज्ञान) डी.के. यादव और प्रधान वैज्ञानिक ए.के. मिश्रा भी मौजूद थे।

ये बैठकें भारत, नेपाल और भूटान के बीच कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। हालांकि, इन समझौतों और चर्चाओं का वास्तविक प्रभाव जमीन पर कितना दिखेगा, यह भविष्य में इनकी प्रगति पर निर्भर करेगा।

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