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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

मध्य प्रदेश में 1,000 कृषि यंत्र किराया केंद्रों के लिए आवेदन, धार जिला भी योजना में शामिल

19 अगस्त 2026, भोपाल: मध्य प्रदेश में 1,000 कृषि यंत्र किराया केंद्रों के लिए आवेदन, धार जिला भी योजना में शामिल –  मध्य प्रदेश में किसानों को किराये पर ट्रैक्टर और कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2026-27 में 1,000 कृषि यंत्र किराया केंद्र (Custom Hiring Centre – CHC) स्थापित किए जाएंगे। कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय ने निजी क्षेत्र में CHC स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस बीच संचालनालय ने योजना में संशोधन करते हुए धार जिले को भी कृषि यंत्रों की निर्धारित श्रेणियों में शामिल किया है।

वर्ष 2026-27 के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य में कुल 1,000 CHC स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें सामान्य वर्ग के लिए 554, अनुसूचित जनजाति के लिए 182, अनुसूचित जाति के लिए 209 और एफपीओ के लिए 55 केंद्र शामिल हैं। आवेदन 7 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

22 अगस्त को होगी कंप्यूटराइज्ड लॉटरी

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 22 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे कंप्यूटराइज्ड लॉटरी के माध्यम से प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। प्राथमिकता सूची संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी के पोर्टल पर 22 अगस्त को शाम 5 बजे से देखी जा सकेगी। चयनित आवेदकों के अभिलेखों का सत्यापन 24 और 25 अगस्त 2026 को संबंधित कृषि यंत्री या कार्यपालन यंत्री कार्यालयों में किया जाएगा।

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अधिसूचना में भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, रीवा-शहडोल, जबलपुर, सागर तथा ग्वालियर-चंबल संभाग के लिए जिला स्तर पर सत्यापन की व्यवस्था निर्धारित की गई है। सत्यापन के लिए जिलों को 24 और 25 अगस्त की तिथियों में विभाजित किया गया है।

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10 से 25 लाख रुपये तक की परियोजना

CHC स्थापित करने के लिए परियोजना लागत 10 लाख रुपये से अधिक और अधिकतम 25 लाख रुपये तक रखी जा सकती है। कृषि यंत्रों की खरीद पर पात्र आवेदकों को निर्धारित अधिकतम सीमा के अनुसार 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ बैंक ऋण के आधार पर स्थापित किए जाने वाले केंद्रों को मिलेगा।

योजना के अनुसार अनुदान की पात्रता बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत किए जाने के बाद होगी। स्वीकृत ऋण की अधिकतम पुनर्भुगतान अवधि 9 वर्ष और मोरेटोरियम अवधि अधिकतम 6 माह रखी गई है। कृषि यंत्र किराया केंद्र के तहत खरीदे गए यंत्रों पर चार वर्ष की लॉक-इन अवधि का भी प्रावधान है।

एक ग्राम में केवल एक CHC स्थापित किए जाने का प्रावधान है। इसी तरह एक परिवार को एक से अधिक कृषि यंत्र किराया केंद्र दिए जाने पर भी रोक है। आवेदक को उसी जिले से आवेदन करना होगा, जहां वह CHC स्थापित करना चाहता है।

जिलों के अनुसार कृषि यंत्रों की श्रेणियां निर्धारित

संचालनालय ने अलग-अलग फसल क्षेत्रों और कृषि जरूरतों के आधार पर CHC में रखे जाने वाले कृषि यंत्रों की श्रेणियां निर्धारित की हैं। इनमें ट्रैक्टर, मल्चर, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, राइस ट्रांसप्लांटर, लेजर लैंड लेवलर, रिपर, रोटरी प्लाउ, डिस्क हैरो, प्लांटर और अन्य कृषि यंत्र शामिल हैं। मशीन एवं स्वचालित कृषि यंत्रों की अलग सूची भी अधिसूचना के परिशिष्ट-3 में दी गई है।

अधिसूचना में यह भी प्रावधान है कि जिन जिलों का नाम एक से अधिक परियोजना श्रेणियों में है, वहां आवेदक अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित श्रेणी का चयन कर सकता है। प्रत्येक आवेदक केवल एक ट्रैक्टर खरीद सकता है।

धार जिले को किया गया शामिल

10 अगस्त 2026 को जारी संशोधन-1 में कृषि अभियांत्रिकी संचालनालय ने मूल अधिसूचना के पात्रता एवं शर्तों के बिंदु क्रमांक 23 में बदलाव किया है। इसके तहत परिशिष्ट-3 में दी गई एक इकाई में रखे जाने वाले सामग्री/उपकरणों की सूची की श्रेणी (स) और (द) में धार जिले को जोड़ा गया है। बाकी नियम एवं शर्तें यथावत रखी गई हैं।

श्रेणी (स) में गन्ना फसल बहुल जिलों के लिए कृषि यंत्रों की सूची दी गई है। इसमें 50 PTO HP से अधिक का ट्रैक्टर, मल्चर/ट्रेलर माउंटेड श्रेडर, लेजर लैंड लेवलर अथवा मल्टीक्रॉप शेपर, मल्टीक्रॉप प्लांटर अथवा शुगर केन कटर प्लांटर तथा रिवर्सिबल प्लाउ अथवा डिस्क हैरो शामिल हैं।

वहीं श्रेणी (द) में गेहूं, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों वाले जिलों के लिए ट्रैक्टर, मल्चर अथवा सुपर सीडर, मक्का शेपर/लेजर लैंड लेवलर/मल्टीक्रॉप शेपर, ग्राउंड बेड प्लांटर अथवा मल्टीक्रॉप प्लांटर और रिवर्सिबल प्लाउ अथवा डिस्क हैरो जैसे यंत्र निर्धारित किए गए हैं। संशोधन के बाद धार जिला इन दोनों श्रेणियों में शामिल हो गया है।

742 जिला स्तरीय और 258 विकासखंड स्तरीय लक्ष्य

अधिसूचना के परिशिष्ट-1 में 19 जिलों के विकासखंडों के लिए कुल 258 CHC का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सामान्य, अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए 86-86 केंद्र निर्धारित हैं।

परिशिष्ट-2 में जिलेवार 742 CHC का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सामान्य वर्ग के लिए 468, अनुसूचित जनजाति के लिए 123, अनुसूचित जाति के लिए 96 और एफपीओ के लिए 55 केंद्र शामिल हैं। दोनों लक्ष्यों को मिलाकर राज्य में कुल 1,000 CHC स्थापित किए जाने हैं।

योजना के तहत चयनित आवेदकों को अपने CHC में निर्धारित कृषि यंत्र उपलब्ध कराने होंगे। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि CHC के माध्यम से केवल कृषि संबंधी कार्य ही किए जा सकेंगे। कृषि यंत्रों के रखरखाव, शेड निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं आवेदक या हितग्राही को स्वयं करनी होंगी।

इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि मशीनरी किराये पर उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें खेती के लिए आवश्यक महंगे कृषि यंत्रों की खरीद किए बिना उनका उपयोग करने की सुविधा मिल सके। वर्ष 2026-27 में 1,000 नए CHC के लक्ष्य के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी के जरिए कृषि यंत्रीकरण को बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

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