वाराणसी में स्थापित होगा नया केंद्रीय समेकित कीट प्रबंधन केंद्र, फसलों की सुरक्षा को मिलेगा बल
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का निर्णय, कीट निगरानी और समेकित कीट प्रबंधन गतिविधियों को मिलेगा विस्तार
03 जून 2026, नई दिल्ली: वाराणसी में स्थापित होगा नया केंद्रीय समेकित कीट प्रबंधन केंद्र, फसलों की सुरक्षा को मिलेगा बल – केंद्र सरकार ने फसलों को कीटों और रोगों से सुरक्षित रखने के लिए अपनी कृषि अवसंरचना को मजबूत करते हुए उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक नए केंद्रीय समेकित कीट प्रबंधन केंद्र (Central Integrated Pest Management Centre – CIPMC) की स्थापना को मंजूरी दी है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 28 मई 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, यह केंद्र पादप संरक्षण, संगरोध एवं भंडारण निदेशालय (Directorate of Plant Protection, Quarantine & Storage – DPPQS), फरीदाबाद के अधीन कार्य करेगा। यह निदेशालय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है।
समेकित कीट प्रबंधन गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
अधिसूचना में कहा गया है कि वाराणसी स्थित यह नया केंद्र निदेशालय के समेकित कीट प्रबंधन एवं टिड्डी नियंत्रण प्रभाग (IPM-cum-Locust Division) के उद्देश्यों और कार्यक्षेत्र के अनुरूप गतिविधियां संचालित करेगा।
केंद्र का मुख्य उद्देश्य फसलों में कीटों की निगरानी, उनके प्रबंधन संबंधी गतिविधियों तथा समेकित कीट प्रबंधन कार्यक्रमों को मजबूत करना होगा। इसके माध्यम से किसानों तक वैज्ञानिक कीट प्रबंधन संबंधी जानकारी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
क्या है समेकित कीट प्रबंधन?
समेकित कीट प्रबंधन (IPM) एक ऐसी पद्धति है जिसमें कीट नियंत्रण के लिए जैविक, यांत्रिक, सांस्कृतिक और आवश्यकता पड़ने पर रासायनिक उपायों का संतुलित उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को नियंत्रित करना और रासायनिक कीटनाशकों पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना है।
भारत सरकार लंबे समय से विभिन्न राज्यों में आईपीएम कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है ताकि किसानों को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
राजपत्र में जारी हुई अधिसूचना
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव मुक्तानंद अग्रवाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारत के राष्ट्रपति ने वाराणसी में नए केंद्रीय समेकित कीट प्रबंधन केंद्र की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।
यह केंद्र पादप संरक्षण, संगरोध एवं भंडारण निदेशालय के तहत कार्य करते हुए समेकित कीट प्रबंधन एवं टिड्डी नियंत्रण प्रभाग के निर्धारित उद्देश्यों और कार्यों को आगे बढ़ाएगा।
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