Ad DesktopAd TabletAd Mobile
राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लिए 3 सुविधाएं शुरु, जानिए श्री मुंडा ने क्या कहा?

09 फरवरी 2024, नई दिल्ली: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लिए 3 सुविधाएं शुरु, जानिए श्री मुंडा ने क्या कहा? – केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) के अंतर्गत केंद्रीयकृत “किसान रक्षक हेल्पलाइन 14447 और पोर्टल”, कृषि-बीमा सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क प्लेटफार्म सारथी (SARTHI) एवं कृषि-समुदाय के लिए लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) प्लेटफॉर्म का गुरूवार को दिल्ली में शुभारंभ किया।

किसानों के सार्म्थ्य, ताकत, मजबूती से ही देश का सार्म्थ्य व मजबूती है : श्री मुंडा

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह देश गांवों का देश है, किसानों का देश है। किसानों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में कृषि मंत्रालय लगातार काम कर रहा है। किसानों के सार्म्थ्य, ताकत, मजबूती से ही देश का सार्म्थ्य व मजबूती है। इसे ध्यान में रखते हुए व कृषक समुदाय की उन्नति को रेखांकित करते हुए कृषि मंत्रालय काम कर रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए व कृषक समुदाय की उन्नति को रेखांकित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में अवसर मिल रहा है कि तकनीकी रूप से भी किसानों को सशक्त बनाने में सहयोगी बनें. किसानों से डिजिटली जुड़ते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए काम करें. इसी नवाचार के तहत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन, सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क एवं एलएमएस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ हुआ है.

10 हजार नए एफपीओ का होगा गठन

कृषि मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शामिल हैं। साथ ही, 10 हजार नए कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री सिंचाई कार्यक्रम, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, बागवानी मिशन, सतत कृषि पर राष्ट्रीय मिशन, किसान क्रेडिट कार्ड आदि के जरिए भी किसानों की जरूरतों व लाभ के लिए मंत्रालय काम कर रहा है।

Ad DesktopAd TabletAd Mobile
Ad DesktopAd TabletAd Mobile
अब तक इतना हुआ पेमेंट

श्री मुंडा ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना व कृषि कार्यों में जोखिम कम करना है। वर्तमान में कृषि क्षेत्र को ज्यादा ग्रोथ के लिए जहां निवेश की जरूरत है, वहीं प्राकृतिक या मानव निर्मित कारणों से होने वाले नुकसान के जोखिम को कम करने की भी आवश्यकता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना इसके लिए काफी कारगर साबित हुई है। योजना के प्रारंभ से अभी तक इसमें 15 करोड़ से ज़्यादा किसान जुड़े हैं और अब तक किसानों के 29,237 करोड़ रुपये के प्रीमियम के मुकाबले 1.52 लाख करोड़ रु. के दावों का पेमेंट किया गया है।

कृषक जगत को व्हाट्सएप पर फॉलो करें
खेती-किसानी की ताज़ा खबरें, सीधे आपके फ़ोन पर
चैनल फॉलो करें
महाराष्ट्र, ओडिशा, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्य किसानों के समर्थन में आए आगे

कृषि मंत्री कहा कि जलवायु परिवर्तन के इस दौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना छोटे व सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। महाराष्ट्र, ओडिशा, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सरकारें किसान प्रीमियम के रूप में केवल 1 रुपये के साथ सार्वभौमिक कवरेज प्रदान करके किसानों का समर्थन करने के लिए आगे आई हैं। पिछले कुछ समय में योजना के क्रियान्वयन में सुधार के प्रयास भी लगातार जारी हैं।

अन्नदाता न हो निराश, सरकार के प्रति बढ़े उनका विश्वास

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कोशिश होनी चाहिए कि किसानों की समस्या का समाधान डाटा के साथ करने में समर्थ हों। इसका विशेष ध्यान रखें कि हमारे अन्नदाता निराश नहीं हो, बल्कि उनका सरकार के प्रति विश्वास और बढ़े, उन्हें महसूस होना चाहिए कि उनके पीछे पूरी ताकत से सरकार खड़ी है और वे आगे बढ़ रहे है।

2047 तक विकसित भारत का संकल्प

कृषि मंत्रालय, प्रधानमंत्री श्री मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत निर्माण के संकल्प को पूरा करने के लिए लगन से काम कर रहा है। किसान युवा, मातृशक्ति, गरीब सभी के लिए काम हो रहा हैं। कृषि मंत्रालय, संगठित रूप में किसानों के लिए काम कर रहा है, जिसका लाभ देश के अन्नदाताओं को मिल रहा है।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी, केंद्रीय कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा भी उपस्थित थे।

(कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें)

(नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़,  टेलीग्राम)