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राष्ट्रीय कृषि समाचार (National Agriculture News)

ई-नाम में 10 नई फसलें जुड़ीं, डिजिटल मंडी में बढ़ेगा कारोबार

07 फ़रवरी 2025, नई दिल्ली: ई-नाम में 10 नई फसलें जुड़ीं, डिजिटल मंडी में बढ़ेगा कारोबार –  केंद्र सरकार ने ई-नाम (राष्ट्रीय कृषि बाजार) प्लेटफॉर्म का विस्तार करते हुए 10 नई कृषि वस्तुओं को शामिल किया है। इसके साथ ही, ई-नाम पर अब व्यापार योग्य वस्तुओं की कुल संख्या 231 हो गई है। इस पहल का उद्देश्य किसानों और व्यापारियों को डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अधिक विकल्प उपलब्ध कराना और कृषि व्यापार को औपचारिक रूप देना है।

नए उत्पादों को मिली मंजूरी

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के विपणन एवं निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) ने व्यापार योग्य मापदंडों को तैयार कर इन नए उत्पादों को ई-नाम में जोड़ा है। नई सूची में शामिल वस्तुएं इस प्रकार हैं:

विविध वस्तुएं:

  1. तुलसी के सूखे पत्ते
  2. बेसन (चने का आटा)
  3. गेहूं का आटा
  4. चना सत्तू (भुने हुए चने का आटा)
  5. सिंघाड़े का आटा

मसाले:

  1. हींग
  2. सूखे मेथी के पत्ते

सब्ज़ियां:

  1. सिंघाड़ा
  2. बेबी कॉर्न

फल:

  1. ड्रैगन फ्रूट

इनमें से बेसन, गेहूं का आटा, चना सत्तू और सूखे मेथी के पत्ते द्वितीयक व्यापार की श्रेणी में आते हैं। इससे किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के व्यापार का अवसर मिलेगा।

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ई-नाम विस्तार से क्या बदलेगा?

ई-नाम पर नए उत्पादों की उपलब्धता से किसानों को बेहतर मूल्य निर्धारण और पारदर्शी व्यापार का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा, डिजिटल व्यापार से कृषि बाजारों को आधुनिक बनाने और छोटे किसानों को व्यापक बाजार पहुंच देने की दिशा में यह एक कदम माना जा रहा है।

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कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वस्तुओं की संख्या बढ़ाने से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि किसान और व्यापारी किस हद तक इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पाते हैं।

ई-नाम पोर्टल (enam.gov.in) पर नए व्यापार योग्य मापदंडों की जानकारी उपलब्ध कराई गई है।

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