कोडीनार में IPL की किसान कार्यशाला, 350 कृषकों को टिकाऊ गन्ना खेती और बेहतर उत्पादन पर दिया गया प्रशिक्षण
21 जुलाई 2026, नई दिल्ली: कोडीनार में IPL की किसान कार्यशाला, 350 कृषकों को टिकाऊ गन्ना खेती और बेहतर उत्पादन पर दिया गया प्रशिक्षण – इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) की कोडीनार शुगर यूनिट ने गन्ना किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘सस्टेनेबल शुगरकेन कल्टीवेशन’ विषय पर किसान कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और बेहतर फसल प्रबंधन की जानकारी देकर गन्ने की उत्पादकता एवं चीनी रिकवरी बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था। इस कार्यशाला में करीब 350 प्रगतिशील किसानों, कृषि विशेषज्ञों, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन पोटाश लिमिटेड के कॉर्पोरेट कार्यालय, नई दिल्ली के मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. यू.एस. तिवातिया, IPL कोडीनार शुगर यूनिट के यूनिट हेड यश सोलंकी, IPL तलाला शुगर यूनिट के यूनिट हेड योगेश राठी, कोडीनार नगर पालिका के उपाध्यक्ष शिवाभाई सोलंकी तथा बलेश्वर खांड उद्योग मंडली के अध्यक्ष पी.एस. डोडिया ने दीप प्रज्वलित कर किया।
डॉ. तिवातिया ने बताया ’10 Ts ऑफ शुगरकेन एक्सीलेंस’ का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. यू.एस. तिवातिया ने कहा कि IPL कोडीनार शुगर यूनिट गन्ना किसानों को बेहतर खेती के लिए हर संभव तकनीकी सहयोग और सेवाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने किसानों को ’10 Ts ऑफ शुगरकेन एक्सीलेंस’ के बारे में बताया। इसमें खेत की सही तैयारी, अच्छी किस्म के बीज का चयन, ट्राइकोडर्मा और फफूंदनाशक का उपयोग, ट्रेंच विधि से बुवाई, समय पर बुवाई, फसल का सही प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण और गन्ने की समय पर बंधाई जैसी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया गया।
उन्होंने पोषक तत्व प्रबंधन के ‘6R’ सिद्धांतों की भी जानकारी दी। इसके तहत सही उर्वरक का चयन, सही मात्रा, सही समय, सही तरीके और पर्याप्त सिंचाई के साथ उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी गई। डॉ. तिवातिया ने कहा कि इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने से गन्ने की पैदावार बढ़ेगी, फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी और किसानों को अधिक लाभ मिलेगा। डॉ. तिवातिया ने बताया कि IPL का केन विभाग भविष्य में किसान संपर्क कार्यक्रम, तकनीकी मार्गदर्शन, गन्ना विकास गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर विशेष ध्यान देगा। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का मूल मंत्र- “किसानों की समृद्धि में ही हमारी खुशी है।”
ड्रिप सिंचाई से 60% तक पानी की बचत संभव
कार्यशाला में जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड के स्टेट हेड गिरधर लोह ने ड्रिप सिंचाई और चार फीट की कतार दूरी पर गन्ना लगाने के लाभ बताए। उन्होंने कहा कि ड्रिप सिंचाई से 40 से 60 प्रतिशत तक पानी की बचत, 20 से 40 प्रतिशत तक उत्पादन वृद्धि, उर्वरकों का बेहतर उपयोग, मजबूत जड़ विकास, श्रम एवं बिजली खर्च में कमी और कीट-रोगों का प्रकोप कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि “मोरे क्रॉप पर ड्रॉप” की अवधारणा टिकाऊ कृषि की आधारशिला है। इसी उद्देश्य से IPL और जैन इरिगेशन ने मिलकर कोडीनार क्षेत्र में किसानों को ड्रिप सिंचाई तकनीक, वैज्ञानिक सलाह, गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान और आधुनिक खेती समाधान उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है।
UPL ने ZEBA तकनीक की दी जानकारी
UPL सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (UPL SAS) के सस्टेनेबिलिटी हेड हर्षल सोनावणे ने IPL शुगर्स और UPL SAS की रणनीतिक साझेदारी की जानकारी देते हुए कहा कि इससे कोडीनार क्षेत्र के गन्ना किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बीज उपचार, जल प्रबंधन, संतुलित पोषण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ZEBA® सुपर एब्जॉर्बेंट टेक्नोलॉजी के बारें में भी किसानों को बताया। यह तकनीक मिट्टी में नमी बनाए रखने, पानी के बेहतर उपयोग और बदलती जलवायु परिस्थितियों में भी गन्ना उत्पादन को बढ़ावा देने में सहायक है।
किसानों ने रखीं मशीनरी और नई किस्मों की मांग
इंटरैक्टिव सत्र के दौरान किसानों ने छोटे ट्रैक्टर, ट्रेंच ओपनर, RMD उपकरण, बटरफ्लाई हल और फोलियर स्प्रे के लिए स्प्रेयर जैसी कृषि मशीनें किफायती दरों पर उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर डॉ. तिवातिया ने आश्वासन दिया कि IPL आवश्यक कृषि यंत्र किसानों को उचित और रियायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों ने जंगली सूअरों से फसलों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया। इस पर डॉ. तिवातिया ने कहा कि IPL किसानों को खेतों में सोलर फेंसिंग लगाने के लिए सरकारी सब्सिडी दिलाने में हर संभव सहयोग करेगा। इसके अलावा किसानों ने उन्नत एवं नई गन्ना बीज किस्मों की मांग भी रखी, जिस पर कंपनी ने गुणवत्तापूर्ण और बेहतर किस्मों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की शुरुआत यतेन्द्र पंवार, हेड–केन विभाग ने अपनी टीम के साथ स्वागत भाषण देकर की। वहीं समापन पर यश सोलंकी, यूनिट हेड, IPL शुगर्स–कोडीनार ने किसानों, सहयोगी संस्थाओं और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), UPL सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस लिमिटेड (UPL SAS), जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड सहित गन्ना विकास से जुड़े विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने आधुनिक एवं टिकाऊ गन्ना खेती अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का संकल्प लिया।
इंडियन पोटाश लिमिटेड के बारे में
इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) देश की अग्रणी, संस्थागत स्वामित्व वाली और पेशेवर तरीके से संचालित कृषि एवं पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल है। कंपनी भारत में उर्वरकों के सबसे बड़े आयातक, आपूर्तिकर्ता और वितरकों में से एक है। इसके अलावा IPL चीनी, बायोफ्यूल और उनसे जुड़े अन्य उत्पादों के निर्माण का भी कारोबार करती है। किसानों के बीच कंपनी की विस्तार एवं प्रचार गतिविधियों को शिवरामन समिति और राष्ट्रीय कृषि आयोग द्वारा भी सराहा जा चुका है।
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