कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

इंसेक्टिसाइड्स इंडिया ने कर्नाटक में धान की फसल के लिए ग्रेनुविया (Granuvia) कीटनाशक लॉन्च किया

23 जुलाई 2026, बेंगलुरु: इंसेक्टिसाइड्स इंडिया ने कर्नाटक में धान की फसल के लिए ग्रेनुविया (Granuvia) कीटनाशक लॉन्च किया – इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड (IIL) ने कर्नाटक में धान की फसल के लिए ग्रेनुविया कीटनाशक लॉन्च किया है। यह उत्पाद धान के दो प्रमुख आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाले कीटों ब्राउन प्लांट हॉपर (बीपीएच) और स्टेम बोरर के प्रभावी नियंत्रण के लिए विकसित किया गया है।

कंपनी के अनुसार, ग्रेनुविया में ट्राइफ्लूमेजोपाइरिम 0.45% + क्लोरान्ट्रानिलिप्रोल 0.50% W/W GR का संयोजन है। यह उत्पाद प्रयोग के बाद ब्राउन प्लांट हॉपर पर 60 दिनों तक प्रभावी नियंत्रण प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है, जबकि डेड हार्ट अवस्था में स्टेम बोरर पर लगभग दो सप्ताह तक नियंत्रण देता है। कंपनी ने इसे धान की रोपाई के 30–35 दिन बाद उपयोग करने की सलाह दी है, क्योंकि यह वह समय होता है जब फसल कीटों के प्रकोप के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील रहती है।

हाल के वर्षों में देश के विभिन्न धान उत्पादक क्षेत्रों में कीटों का दबाव लगातार बढ़ा है। ब्राउन प्लांट हॉपर के प्रकोप के कारण किसानों को कई बार बार-बार कीटनाशकों का छिड़काव करना पड़ता है और गंभीर प्रकोप की स्थिति में 20 से 60 प्रतिशत तक उपज हानि हो सकती है। वहीं, स्टेम बोरर भी धान उत्पादन की एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिससे सामान्यतः 10 से 30 प्रतिशत तक उपज का नुकसान होता है, जबकि अधिक प्रकोप की स्थिति में यह नुकसान इससे भी अधिक हो सकता है।

इस अवसर पर इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि बदलती जलवायु और बढ़ते कीट प्रकोप के कारण विश्वसनीय फसल सुरक्षा समाधानों की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।

उन्होंने कहा, “ग्रेनुविया को लंबे समय तक प्रभावी कीट नियंत्रण प्रदान करने के साथ-साथ फसल के स्वास्थ्य और उत्पादकता को बेहतर बनाए रखने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह ब्राउन प्लांट हॉपर और स्टेम बोरर जैसी लगातार बनी रहने वाली चुनौतियों से निपटते हुए फसल की महत्वपूर्ण वृद्धि अवस्थाओं में निरंतर सुरक्षा प्रदान करता है।”

कंपनी के अनुसार, ग्रेनुविया का विकास कोर्टेवा एग्रीसाइंस द्वारा किया गया है और भारत में इसका विपणन इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड अपने ब्रांड नाम से करेगी।

इंसेक्टिसाइड्स (इंडिया) लिमिटेड के मुख्य विपणन अधिकारी दुष्यंत सूद ने कहा कि यह उत्पाद नवीन कार्यप्रणाली (मोड ऑफ एक्शन) और दानेदार फॉर्मूलेशन का संयोजन है, जिसका उद्देश्य धान में कीट प्रबंधन को अधिक सरल और प्रभावी बनाना है।

उन्होंने कहा, “ग्रेनुविया को आधुनिक धान खेती के लिए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसकी तकनीक, खेतों में प्रदर्शन और आसान उपयोग किसानों को बेहतर कीट प्रबंधन अपनाने तथा अधिक उत्पादकता हासिल करने में मदद करेगा।”

ग्रेनुविया दानेदार फॉर्मूलेशन में उपलब्ध है, जिसे किसान अपनी पारंपरिक पद्धति के अनुसार रेत या यूरिया के साथ मिलाकर खेत में समान रूप से बिखेरकर प्रयोग कर सकते हैं। कंपनी का दावा है कि इससे बार-बार पत्तियों पर छिड़काव (फोलियर स्प्रे) की आवश्यकता कम होती है और यह किसानों की मौजूदा फसल प्रबंधन प्रणाली में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

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