कम्पनी समाचार (Industry News)

इंडोफिल द्वारा ‘स्कायस्टार’, ‘सैपर’ व ‘एलेक्टो’ की लांचिंग

22 सितम्बर 2022, पुरी (उड़ीसा) इंडोफिल द्वारा ‘स्कायस्टार’, ‘सैपर’ व ‘एलेक्टो’ की लांचिंग – कृषि रसायन क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडोफिल इंडस्ट्रीज लि. द्वारा विगत दिनों पुरी (उड़ीसा) में छत्तीसगढ़ व उड़ीसा के डिस्ट्रीब्यूटरों के बीच 3 नये उत्पादों की भव्य लांचिंग की गई। कंपनी के ये तीनों उत्पाद जापानी कंपनी मित्सुई केमिकल्स के सहयोग से तैयार किये गये हैं जो खासकर धान, सब्जी व कपास जैसी प्रमुख फसलों में लगने वाली बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इंडोफिल ने इन उत्कृष्ट उत्पादों को बाजार में प्रस्तुत किया है। यह उत्पाद कम मात्रा में सभी फसलों को ज्यादा सुरक्षा प्रदान करने से सक्षम रहेंगे।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित कंपनी के सीनियर वाईस प्रेसीडेंट श्री संदीप बक्सला, जनरल मैनेजर सेल्स श्री जगदीश यरनेनी, सीनियर मैनेजर एमसीएजी जापान- श्री तनबे सेन, रीजनल सेल्स मैनेजर डॉ. संदीप उपाध्याय ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में कंपनी के रीजनल डव्हलपमेंट मैनेजर श्री धर्मेन्द्र मालवीय सहित कंपनी के फील्ड ऑफीसर विशेष रूप से उपस्थित थे।

उक्त अवसर पर कंपनी के वाईस प्रेसीडेंट श्री बक्सला ने सभी विक्रेताओं को कंपनी के बारे में बताते हुए कहा कि इंडोफिल कंपनी 65 वर्ष पुरानी कंपनी है जो के.के. मोदी ग्रुप की कंपनी है। जिसमें 900 कर्मचारी कार्यरत हैं। कंपनी के दहेज गुजरात में 5 प्लांट है। यह एक सर्टिफाईड कंपनी है जो किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले क्वालिटी प्रोडक्ट समय-समय पर उपलब्ध कराती रहती है। वर्तमान में कंपनी ने कीटनाशक मित्सुई जापान के तकनीकी सहयोग से स्कायस्टार को लांच किया है जिसे धान के पौध फुदकों और पत्ती फुदकों से सुरक्षा दिलाने में मदद करता है। ‘स्कायस्टार’ धान से भूरे फुदके, सफेद पीठ वाले फुदकों और हरे पत्ती वाले फुदकों पर अत्यंत असरदार है। यह पौधों के जायलम और कोइलम के माध्यम से पूरे पौधों में समान रूप से फैल जाता है।

यह उत्पाद 5 तरह से असरकारक है। छिडक़ाव के तुरन्त बाद कीट लकवाग्रस्त होकर आहार ढोना बंद कर देता है। चलना, फिरना बंद होने से ये कीट नीचे गिर जाते हैं। फिर यह कीट दुबारा नहीं पनपता है। स्कायस्टार संस्पर्शी पाचन तथा अंतप्र्रवाही असर के जरिए काम करता है।

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धान फसल की अवधि रोपने के बाद 40 से 60 दिन और बुवाई के बाद 60-80 दिन है। फसल के प्रत्येक पौधे पर 5-10 पौध फुदके की अवस्था में छिडक़ाव करें। फिर अधिकतम कल्ले व तने के विकास के समय छिडक़ाव करें। बेहतर नियंत्रण के लिये स्कायस्टार का छिडक़ाव सुबह व शाम को करें। धान के निचले हिस्से में छिडक़ाव करने पर बेहतरीन परिणाम मिलते हैं। साफ पानी का उपयोग करें। उपयोग के समय दवा की मात्रा कम या ज्यादा न करें। फसल की अवधि रोपाई (टीपीआर) के बाद 40 से 60 दिन में तथा बुवाई (डीएसआर) के बाद 60-80 दिन में उपयोग करें। मात्रा-333 ग्राम प्रति हेक्टेयर अथवा 133.2 ग्राम प्रति एकड़ के लिए पर्याप्त है। 500 लीटर साफ पानी लेकर प्रति हेक्टेयर की दर से छिडक़ाव करें।

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इसी तरह रसचूसक कीटों के लिए कीटनाशक ‘सैपर’ तैयार किया गया है। इंडोफिल का नया उत्पाद ‘एलेक्टो’ जापान के सहयोग से तैयार किया गया असरकारक कीटनाशक है।

कंपनी के रीजनल मैनेजर डॉ. संदीप उपाध्याय ने कार्यक्रम का संचालन तथा रीजनल डेव्हलपमेंट मैनेजर श्री धर्मेन्द्र मालवीय ने आभार प्रदर्शन किया।

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