बायोप्राइम एग्रीसोल्यूशंस और मोज़ेक ने फसल पोषण समाधान के लिए व्यावसायिक सहयोग की घोषणा की
25 मई 2026, पुणे: बायोप्राइम एग्रीसोल्यूशंस और मोज़ेक ने फसल पोषण समाधान के लिए व्यावसायिक सहयोग की घोषणा की – बायोप्राइम एग्रीसोल्यूशंस (BioPrime AgriSolutions) और मोज़ेक (Mosaic) ने भारत में फसल पोषण समाधानों में जैविक घटकों को शामिल करने के लिए एक व्यावसायिक सहयोग की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत बायोप्राइम के SNIPR™ डिस्कवरी प्लेटफॉर्म से विकसित जैविक नवाचारों को मोज़ेक के फसल पोषण समाधानों के साथ जोड़ा जाएगा।
कंपनियों के अनुसार यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब किसान कृषि निवेशों की बढ़ती लागत और आपूर्ति श्रृंखला में अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस सहयोग का उद्देश्य किसानों को ऐसे समाधान उपलब्ध कराना है जो संसाधनों के बेहतर उपयोग, उत्पादकता और दीर्घकालिक कृषि प्रदर्शन को समर्थन दें।
कंपनियों ने कहा कि केवल न्यूट्रिएंट यूज़ एफिशिएंसी (NUE) बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य की फसल पोषण प्रणालियों को पौधों के समग्र प्रदर्शन पर भी काम करना होगा। इस सहयोग के तहत जैविक घटकों को उर्वरक प्रणालियों में शामिल किया जाएगा ताकि पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण, पौधों की चयापचय प्रक्रिया, तनाव सहन क्षमता और मिट्टी-जीवाणु संबंधों को मजबूत किया जा सके।
डॉ. रेनुका दीवान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सह-संस्थापक, बायोप्राइम एग्रीसोल्यूशंस ने कहा, “उर्वरकों ने एक सदी से अधिक समय तक वैश्विक कृषि को आगे बढ़ाया है। मोज़ेक के साथ हमारी साझेदारी उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए उर्वरकों की क्षमता को नए स्तर तक ले जाने का प्रयास है। जैविक बुद्धिमत्ता को पोषण समाधानों के साथ जोड़कर हम उर्वरकों का विकल्प नहीं बना रहे, बल्कि उनकी क्षमता को बढ़ा रहे हैं। इससे ऐसी प्रणाली विकसित होगी जो पौधों को सक्रिय करे, निवेश की दक्षता बढ़ाए और खेती को मजबूत बनाए।”
कंपनियों के अनुसार प्रस्तावित ‘क्रॉप परफॉर्मेंस सिस्टम’ चार प्रमुख क्षेत्रों पर काम करेगा — चयापचय दक्षता, तनाव सहन क्षमता, मिट्टी-जीवाणु-पौधा समन्वय और पोषक तत्वों का सटीक अवशोषण। इसका उद्देश्य पौधों द्वारा पोषक तत्वों के बेहतर उपयोग, सूखा, गर्मी और लवणता जैसी परिस्थितियों में फसल प्रदर्शन बनाए रखने और मिट्टी के माइक्रोबायोम के माध्यम से पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाना है।
रॉबिन एडविन, निदेशक, मोज़ेक ने कहा, “मोज़ेक का मानना है कि कृषि का भविष्य फसल पोषण और जैविक समाधानों में से किसी एक को चुनने में नहीं, बल्कि दोनों को एकीकृत करने में है ताकि किसानों को बेहतर कृषि परिणाम मिल सकें। मोज़ेक बायोसाइंसेज इसी सोच के साथ बनाया गया था। बायोप्राइम के साथ हमारा सहयोग किसानों की उत्पादकता, पोषक तत्व दक्षता और समग्र कृषि प्रदर्शन को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम है।”
कंपनियों ने कहा कि वैश्विक कृषि इस समय भू-राजनीतिक अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और टिकाऊ कृषि की बढ़ती अपेक्षाओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। यह सहयोग ऐसे फसल पोषण समाधान विकसित करने पर केंद्रित होगा जो निवेश पर बेहतर कृषि लाभ देने के साथ विभिन्न फसलों, क्षेत्रों और खेती प्रणालियों में उपयोग किए जा सकें।
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