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कृषि कंपनी समाचार (Industry News)

सब्जी मंडी की अव्यवस्थाओं से किसान परेशान

(राजीव कुशवाह)

नागझिरी। खरगोन की सब्जी मंडी में दूर दराज गांवों से सब्जी बेचने मंडी आने वाले किसान परेशान हैं। मंडी में गंदगी की भरमार है। रोशनी का भी अभाव है। पार्किंग शुल्क, कमीशन और ज़मीन का शुल्क देने के बावजूद किसानों को बिक्री पश्चात् भुगतान के लिए भी परेशान होना पड़ता है। यहां सुधार की दरकार है।

उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय के आसपास के करीब 30 से 50 किमी दूरी तक के गांव के कई किसान अल सुबह अपनी सब्जी बेचने खरगोन सब्जी मंडी आते हैं। जहां उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। रोशनी नहीं होने से दिक्कत तो होती ही है। सब्जी मंडी में शेड नहीं होने से बारिश में भी खुले चौपाल में नीलामी होती है। गंदगी के कारण भी परेशान होना पड़ता है। यहां आए किसानों से बेची गई सब्जी का 10% कमीशन लिया जाता है। इस बारे में नागझिरी के श्री आनंदराम, बिलाली के श्री मोहन यादव ने बताया कि करीब 30 एजेंट, किसानों से सब्जी खरीदकर फुटकर व्यापारियों को बेचते हैं। छालपा के श्री मुकेश पाटीदार, राजपुरा के श्री ओमप्रकाश ने किसानों से प्रति सैकड़ा 10 प्रतिशत कमीशन लेने को गलत बताया। जबकि कमीशन एजेंटों का कहना है कि फुटकर विक्रेताओं से भी नगद नहीं मिलने पर प्रति दिन के हिसाब से अर्थ दंड लिया जाता है। यहां की  राधा बाई और सोना बाई ने कहा कि हर विक्रेता से 15 रु. बैठक राशि और 10 रुपए पार्किंग शुल्क देने  के बावजूद गंदगी में बैठने को मजबूर होना पड़ता है। करीब 150 से 200 फुटकर व्यापारी और अन्य कषक भी यहां माल लेकर बैठते हैं, फिर भी यह हाल हैं। अव्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायत की जा चुकी है। भुगतान को लेकर भी कमीशन एजेंटों के चक्कर काटने पड़ते हैं। सब्जी मंडी में व्यवस्थाओं में सुधार करने की जरूरत है.

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