कृषकों को भंडारण की सलाह

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कृषकों को भंडारण की सलाह

भंडारण की सलाह – कोविड-19 कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन अवधि के दौरान कृषकों के लिएकृषि विज्ञान केंद्र, रायसेन के डॉ. स्वप्निल दुबे व अन्य वैज्ञानिकों द्वारा अनाज व बीज भंडारण के लिए कृषकों को तकनीकी सलाह दी जा रही है।
रबी फसलों (गेहूं, चना, मसूर, तिवड़ा, सरसों, अलसी) आदि की कटाई व गहाई का कार्य पूर्ण हो चुका है। यदि अनाज व बीज का सही भंडारण ना हो तो 10 से 15 प्रतिशत तक नुकसान आता है।

  • भंडारण के दौरान खपरा बीटल, सुरेही, चावल का घुन, दालो का डोरा, व चूहा आदि काफी नुकसान पहुंचाते है।
  • भंडारित अनाज व बीज को सूर्य के प्रकाश में अच्छी तरह से सुखा लें ताकि नमी की मात्रा 10 प्रतिशत से अधिक न हो।
  • भण्डारित करने वाले अनाज व बीज कीे साफ-सफाई कर लें क्योंकि टूटे हुये अनाज में फफूंद के संक्रमण की संभावना रहती है।
  • भण्डारण पूर्व पक्का भंडार गृह एवं धातु की कोठियों को साफ -सुथरा एवं कीट मुक्त कर लें।
  • भण्डार गृह में पक्षियों व चूहों के आने-जाने के रास्तें बंद कर दें।
  • भण्डार गृह में तापमान व हवा का उचित प्रबंध होना चाहिए।
  • भण्डार गृह को मैलाथियान का घोल 3 लीटर प्रति 100 वर्ग मीटर की दर से धुलवाना चाहिए।
  • भण्डारण हेतु नये बोरों का उपयोग करें तथा पुराने बोरों को मैलाथियान या नीम की पत्तियों के पानी में डुबाकर, सुखाकर उपयोग करें।
  • भण्डार गृह की दीवारों व फर्श पर यदि दरार हो तो उसे सीमेंट या ईट के बुरादे से बंद कर दें।
  • भण्डार गृह में भण्डारण के समय फर्श पर लकड़ी की तख्त या बांस पर तिरपाल बिछाकर दीवार से 1.5-2 फीट जगह छोड़कर बोरियां रखें।
  • बोरियों को दीवार से सटाकर न रखे व बोरियों का ढेर 636 मीटर से अधिक न हो।
  • भण्डारित अनाज व दालों में कड़वा नीम तेल, लहसुन की पत्तियों को रखें।
  • कीट व फफूंद के रसायनिक प्रबंधन हेतु एल्यूमीनियम फॉस्फाइड 7 गोली प्रति 1000 घन मी दर से प्रयोग करें। या ई.डी.वी. एम्पूल 20 एम.एल. एम्पूल प्रति घन मीटर की दर से प्रयोग करें।
  • भण्डार गृह में चूहों से बचाव हेतु 20 ग्राम जिंक फॉस्फाइड 1 किलोग्राम आटा, व 20 ग्राम खाने का मीठा तेल का उपयोग कर विषयुक्त चुग्गा तैयार कर उसे भण्डार गृह में रखें।

– डॉ. स्वप्निल दुबे, वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख, केवीके, रायसेन

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