सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

PM किसान मानधन योजना: सिर्फ ₹55 देकर पाएं ₹3000 मासिक पेंशन, जानिए पूरी प्रक्रिया

02 जुलाई 2025, नई दिल्ली: PM किसान मानधन योजना: सिर्फ ₹55 देकर पाएं ₹3000 मासिक पेंशन, जानिए पूरी प्रक्रिया – अगर आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) योजना के लाभार्थी हैं, तो आपके लिए सरकार ने एक और बड़ी सौगात दी है। अब सरकार की प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) के तहत आपको 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3000 की पेंशन मिल सकती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए शुरू की गई है।

क्या है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY)?

यह योजना 9 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च की गई थी। इसका उद्देश्य ऐसे किसानों को बुढ़ापे में नियमित आय देना है, जो सीमित साधनों के साथ खेती करते हैं। योजना के तहत 60 वर्ष की उम्र पूरी करने पर हर महीने ₹3000 पेंशन दी जाती है।

योजना की प्रमुख बातें:

1. 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3000 पेंशन
2. 18 से 40 वर्ष की उम्र के किसान इसमें शामिल हो सकते हैं
3. अंशदान ₹55 से ₹200 प्रति माह (उम्र के अनुसार)
4. किसान जितना अंशदान देगा, उतना ही सरकार भी देगी
5. यदि आप PM-Kisan योजना के लाभार्थी हैं, तो अंशदान उसी में से काटा जाएगा, अलग से भुगतान नहीं करना होगा

उम्र के अनुसार अंशदान विवरण

उम्र (वर्ष)किसान का योगदान सरकार का योगदान कुल योगदान 
18₹50₹50₹110
25₹80₹80₹160
30₹105₹105₹210
35₹150₹150₹300
40₹200₹200₹400

पात्रता कौन रखता है?

1. छोटे और सीमांत किसान
2. उम्र 18 से 40 साल के बीच
3. अधिकतम 2 हेक्टेयर ज़मीन के मालिक

कौन नहीं जुड़ सकता इस योजना से?

1. जिनका EPF, NPS या ESIC खाता है
2. आयकर दाता
3. डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, सीए जैसे पेशेवर
4. सरकारी, अर्ध-सरकारी या संवैधानिक पदधारी
5. संस्थागत भूमिधारक या बड़े ज़मींदार

आवेदन कैसे करें?

नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाएं और साथ में आधार कार्ड बैंक पासबुक, ज़मीन के कागज़ और पासपोर्ट साइज फोटो ले जाएं। फिर, CSC ऑपरेटर आपके आधार व दस्तावेज़ों के ज़रिए ऑनलाइन फॉर्म भरेगा। फिर, ऑटो-डेबिट फॉर्म भरना होगा। आवेदन के बाद आपको यूनिक पेंशन आईडी नंबर मिलेगा।

अंशदान कैसे कटेगा और भुगतान विकल्प

किसान अपनी सुविधा के अनुसार अंशदान का भुगतान मासिक, त्रैमासिक, छमाही या वार्षिक रूप में कर सकते हैं। चुने गए भुगतान विकल्प के अनुसार, अंशदान की राशि हर महीने की 1, 11 या 21 तारीख को उनके बैंक खाते से ऑटो डेबिट की जाएगी, जिससे प्रक्रिया सरल और समयबद्ध बनी रहे।

अगर 60 साल से पहले मृत्यु हो जाए तो?

किसान की मृत्यु की स्थिति में, उनके पति या पत्नी को योजना जारी रखने का विकल्प दिया जाएगा। यदि वे योजना को जारी नहीं रखना चाहें, तो अब तक जमा की गई पूरी राशि ब्याज सहित नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को वापस कर दी जाएगी।

अगर 60 साल के बाद मृत्यु हो जाए तो?

यदि किसान की मृत्यु 60 साल के बाद हो जाती है और जीवनसाथी योजना से जुड़ा नहीं है, तो उसे कुल पेंशन का 50% पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा। वहीं, दोनों की मृत्यु के बाद अब तक जमा की गई पूरी राशि नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को दे दी जाएगी।

अगर किश्त नहीं कटी या भुगतान छूट गया तो?

अगर किसी कारणवश अंशदान की किश्त नहीं कटती या भुगतान छूट जाता है, तो खाता डिफॉल्ट की श्रेणी में आ जाएगा। यदि 6 महीने तक भी कोई भुगतान नहीं होता, तो योजना को निष्क्रिय (Inactive) मान लिया जाएगा। और अगर लगातार 3 साल तक खाते में कोई गतिविधि नहीं होती, तो खाता पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा।

डिफॉल्ट खाता दोबारा शुरू कैसे करें?

बकाया राशि और लेट फीस भरकर खाता फिर से चालू किया जा सकता है। अगर कोई अयोग्य हो जाता है (जैसे आयकर देने लगे), तो सरकार की ओर से अंशदान बंद हो जाएगा, लेकिन किसान खुद जारी रख सकते है।

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