म.प्र. में कृषकों के लिए प्रमुख योजना: मौसम आधारित फसल बीमा योजना

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28 जुलाई 2022, भोपाल ।  म.प्र. में कृषकों के लिए प्रमुख योजना: मौसम आधारित फसल बीमा योजना –
विभाग:
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग
योजना: मौसम आधारित फसल बीमा योजना
अधिकार क्षेत्र: राज्य प्रवर्तित योजना
कब से प्रारंभ: खरीफ 2016 से

योजना का उद्देश्य: उद्यानिकी फसलों में उत्पादन को बढ़ावा देना एवं कृषकों को उत्पादन जोखिम से सुरक्षित रखना, प्राकृतिक आपदाओं कीट एवं रोगों से किसी भी अधिसूचित फसल के नष्ट होने की स्थिति में किसानों का बीमा कवरेज और वित्तीय समर्थन प्रदान करना।

लाभार्थी के लिए आवश्यक शर्ते/लाभार्थी चयन प्रक्रिया: अऋणी कृषक के लिए योजना एच्छिक है। ऋणी कृषक यदि बीमा नहीं कराना चाहता है तो उस सीजन के लिए उसके पास यह विकल्प होगा कि वह कट ऑफ डेट से 7 दिन पूर्व संबंधित बैंक को लिखित में सूचित कर दें।

लाभार्थी वर्ग: सभी वर्ग के सीमान्त एवं लघु कृषक

लाभ की श्रेणी: फसल बीमा

आवेदन कहाँ करें: बीमा कराने हेतु अपनी बैंक शाखा अधिकृत बीमा कंपनी के प्रतिनिधि, जन सेवा केन्द्र, विकासखण्ड स्तर पर विभागीय अधिकारी अथवा योजना के वेबसाईट लिंक पर बीमा पोर्टल पर स्वंय भी आवेदन कर सकते हैं।

पदभिहित अधिकारी: जिले के उप संचालक/सहायक संचालक

समय सीमा: खरीफ में 15 जुलाई एवं रबी में 15 दिसम्बर के पूर्व।

आवेदन प्रक्रिया: सी.एस.सी.सेंटर एवं बैंक शाखा एवं बीमा कंपनी के एजेंट।

आवेदन शुल्क: आवेदन हेतु कोई शुल्क नहीं है। कृषकों को बीमा हेतु अधिसूचित फसल की बीमित राशि का 5 प्रतिशत या वास्तविक प्रीमियम दर जो भी कम हो प्रीमियम राशि देय है।

अपील: जिले स्तर पर जिलाधिकारी एवं अधिकृत बीमा कंपनी

अनुदान /ऋण /वित्तीय सहायता/पेंशन/लाभ की राशि: योजना के अंतर्गत अधिसूचित फसल हेतु बीमित राशि या वास्तविक प्रीमियम दर का 5 प्रतिशत कृषक द्वारा प्रीमियम के रूप में तथा शेष प्रीमियम सिंचित क्षेत्र में 25 प्रतिशत की सीमा तक राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा 50:50 देय है। 25 प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जावेगी

हितग्राहियों को राशि के भुगतान की प्रक्रिया/हितग्राहियों को ऋण एवं अनुदान की व्यवस्था/वित्तीय प्रावधान : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना के दिशा निर्देशानुसार योजना से सम्बंधित दस्तावेज संलग्न करें ऋणी कृषकों हेतु अपने बैंक शाखा के माध्यम से/गैर ऋणी कृषक निकटवर्ती बैंक शाखा/अधिकृत बीमा मध्यस्थ/बीमा एजेंट एवं जन सेवा केन्द्र (CSC) अथवा वेबसाईट लिंक के माध्यम से स्वंय नामांकन द्वारा अधिसूचित फसलों को बीमा करा सकता है। गैर ऋणी कृषकों हेतु आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड की कॉपी, नवीनतम भूमि अभिलेख (खसरा/खतौनी की नकल), बटाईदार/ साझेदार कृषक होने पर जमीन बटाई का शपथ पत्र, बैंक पास बुक की प्रति जिसमें IFSC नंबर एवं खाता संख्या अंकित हो अथवा बैंक खाते की रद्द चेक, फसल बुवाई प्रमाण-पत्र (कृषि या राजस्व विभाग के कार्मिकों द्वारा जारी या सत्यापित, विधिवत भरा हुआ प्रस्ताव।

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