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राज्य कृषि समाचार (State News)सरकारी योजनाएं (Government Schemes)

भावांतर योजना: एमएसपी से अंतर की राशि का भुगतान करेगी सरकार  

01 अक्टूबर 2025, पन्ना: भावांतर योजना : एमएसपी से अंतर की राशि का भुगतान करेगी सरकार – शासन के निर्देशानुसार सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में भावांतर योजना को लागू किया जा रहा है। वर्तमान में सोयाबीन का निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है। भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य आगामी 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर तक चलेगा। भावांतर की अवधि एक नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी।

पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे 15 दिवस में हस्तांतरित की जाएगी।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहन फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जाएगा।

किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। किसान को समर्थन मूल्य के बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है, परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइस के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान भाइयों का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

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