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समस्या – समाधान (Farming Solution)

ग्वारपाठा की खेती करना चाहता हूं, बुआई के तरीके व खाद के बारे में बतायें।

सुन्दरलाल राठौड़

04 अप्रैल 2024, भोपाल: ग्वारपाठा की खेती करना चाहता हूं, बुआई के तरीके व खाद के बारे में बतायें – ग्वारपाठा लगभग सभी भूमियों व जलवायु में उगाया जा सकता है। इसे जड़ाकुंरों तथा प्रकन्द कटिंग द्वारा लगाया जाता है। इसके लिये 15 से 20 से.मी. लंबे जड़ाकुंरों या प्रकंद कटिंग को 50 से.मी. लाइन से लाइन की दूरी तथा 30 से.मी. पौधे से पौधे की दूरी पर अच्छा तैयार खेत में लगाया जाता है। इनका दो तिहाई भाग जमीन के अंदर दबाया जाता है और एक तिहाई भाग जमीन के बाहर रखा जाता है।

बुआई के पूर्व खेत में 200-250 क्विंटल गोबर की सड़ी खाद अच्छी तरह मिला लें। इसी समय 20 किलो नत्रजन, 20 किलो फास्फोरस तथा 20 किलो पोटाश प्रति एकड़ के मान से भी दें।

रोपाई के तुरन्त बाद सिंचाई अवश्य दें नियमित सिंचाई से इसकी उपज अच्छी मिलती है परंतु खेत में पानी नहीं ठहरना चाहिए। इसकी कई जातियाँ व किस्में उपलब्ध हैं। उन्नत किस्मों में एच-1, आईसी 11269, आईसी 111271 तथा आईसी 111280 प्रमुख हैं।

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