मुर्गी का आवास प्रबंधन

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चूजा घर में पुरानी पड़ी बीेट को खुरच कर निकाल दें। फर्श को फिनाइल पानी से धोकर साफ करें। घर के अन्दर चूने से सफेदी करा दें। चूजा घर के सभी खिड़की या दरवाजे बंद कर 60 ग्राम kmno4 और 120 मि.ली. फार्मोलिन को 1 लीटर पानी में प्रति 100 वर्ग फीट के हिसाब से लेकर धुआ उत्पन्न कर निजर्मीकरण करना चाहिए।

2 -3 इंच गहरा व सूखा बिछावन लकड़ी का बुरादा, धान की भूसी इत्यादि फर्श पर बिछा दें। ब्रूडर (4&4 फीट) का 250-300 चूजों के लिए पर्याप्त होता है। चिक गार्ड गन्ने/लकड़ी के फ्रेम में जाली लगाकर टिन का 1) फीट ऊंचा ब्रूडर के चारों ओर लगाना चाहिए। ब्रूडर व चिक गार्ड के बीच 2-3 फीट की दूरी रखनी चाहिए। ये चिक गार्ड चूजों को गर्मी के स्त्रोत/ब्रूडर से अधिक दूर जाने स रोकेगा। 250-300 चूजों के लिए 7 फीट परिधि का एक चिक गार्ड पर्याप्त होता है। चिक गार्ड को शुरू के 7 दिनों के बाद हटा देना चाहिए।

शुरूवात के 5-7 दिनों तक बिछावन में अखबार बिछाना चाहिए। दाना अखबार में बिखरने से चूजें आसानी से दाना खाना सीखतें है। चिक गार्ड व ब्रूडर के बीच खाली जगह में दानें व पानी के बर्तन रखें, इन्हें ब्रूडर के नीचे नहीं रखना चाहिए। चूजे लाने के 6 घंटे पहले ब्रूडर को चालू कर देना चाहिए। ब्रूडर हाउस के दरवाजे के बाहर फिनाइल/चूना पावडर/ द्मद्वठ्ठश४ घोल का एण्टीसेप्टिक फुट बाथ रखें। चूजों को पहले 15 घण्टों में 8प्रतिशत शक्कर या गुड़ घोल पीने के पानी में देना चाहिए। पहले 3-5 दिनों तक पीने के पानी में एण्टीबायोटिक पावडर, विटामिन बी. काम्लेक्स व सी. पाउडर, इलेक्ट्राल या ओ.आर.एस. का पावडर देना चाहिए। टीकाकरण खासकर मरेक्स, रानीखेत और गुम्बोरो बीमारी के अति आवश्यक है।

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