महंगी हो गई बोनी, घर से खेत खलिहान तक जाना भी पड़ेगा महंगा

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गुना जिले की चिट्ठी

  • पंडित शिवकुमार उपरिंग,
    आरोन गुना

29 जून 2021, भोपाल ।  महंगी हो गई बोनी, घर से खेत खलिहान तक जाना भी पड़ेगा महंगा – जैसे-जैसे मानसून करीब आता जा रहा है वैसे-वैसे किसानों भी खरीफ फसलों की बोनी को लेकर तैयारियां कर रहे हैं खेतों में खरार लग चुकी है जैसे ही मानसून की बारिश होगी फिर से खेतों में पस्टार करते हुए किसान बोनी करेंगे कोई सोयाबीन कोई उर्द, मक्का, ज्वार आदि के बीज खेतों में बोयेगा, इस बार सोयाबीन का बीज महंगा मिल रहा है किसान भैया लाल ने बातचीत में बताया है कि सोयाबीन का बीज बहुत महंगा है इसलिए मैं तो इस साल उर्द की फसल करूंगा एक और किसान सरदार ने बताया है कि सोयाबीन का बीज महंगा होने के कारण मैं मक्का बो रहा हूं किसान वीर सिंह ने बताया कि इस बार डीजल और पेट्रोल महंगे हो गए हैं खेत में खरार पस्टार और बोनी करना महंगा हो गया है घर से खेत खलिहानों पर जाना भी अब महंगा है क्योंकि पेट्रोल भी महंगा हो गया है पहले किसान खेत खलिहानों तक तक पैदल ही जाते थे पर अब मोटरसाइकिल वाहन आदि से ही जाते हैं और कई बार खेत खलिहान पर जाना आना पड़ता है अब आना-जाना भी महंगा पड़ेगा। एक और कृषक राजू ने बताया कि मानसून समय पर आने से अच्छी तरह से बोनी हो सकेगी। किसान कब हार मानता है किसान के साथ तो हमेशा ही कभी मौसम की गड़बड़ी, कभी नकली खाद बीज, कभी ओले, कभी अधिक वर्षा, कभी कम बरसा, फसलों में कई प्रकार के रोग आदि कई समस्याओं से किसान जूझता रहता है, फिर भी खेतों में जुता रहता है और खेती बाड़ी करता रहता है। कभी थोड़ी राहत मिलने पर खुश भी हो जाता है। उसके साथ हमेशा ऐसा होता रहता है। एक को मनाऊं तो दूजा रूठ जाता है खैर फिलहाल तो किसानों ने खरीफ की फसलों की बोनी की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मानसून के आते ही आरोन क्षेत्र सहित पूरे जिले में बोनी का काम प्रारंभ हो जाएगा जमीनी हकीकत से रूबरू तो होना ही पड़ता है।

सोयाबीन बीज के नाम पर कृषि विभाग बीज निगम ने हाथ किए खड़े

कृषि विभाग पहले ही सोयाबीन के बीज के नाम अपने हाथ खड़ा कर चुका है। कृषि विभाग के अधिकारियों से पूछने पर सोयाबीन के बीज के नाम पर ना ही निकलती है। बीज निगम ने कुछ पुराने चुनिंदा किसानों को ही बहुत कम मात्रा में सोयाबीन का बीज उपलब्ध कराया है और अन्य किसानों द्वारा जब संपर्क किया गया तो बीज निगम गुना ने भी सोयाबीन का बीज नहीं है का बोर्ड लगा दिया। किसान अब अन्य फसलों पर अपना फोकस कर रहे हैं जैसे उरदा, मक्का, धान, ज्वार, तुअर आदि फसलें की बोनी करेंगे इस साल अन्य सालों के मुकाबले सोयाबीन की बोनी कम मात्रा में ही हो पाएगी पर असल आंकड़े तो बोनी के बाद ही सामने आ सकेंगे।

जैविक खेती की आवश्यकता

कृषि विज्ञान केंद्र आरोन गुना द्वारा जैविक खेती का महत्व एवं आवश्यकता के विषय पर वर्चुअल प्रशिक्षण दिया एवं किसानों से आरोन कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने वर्चुअल के माध्यम से वार्तालाप भी की। कार्यक्रम में डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख द्वारा बताया गया कि जैविक खेती क्यों आवश्यक है तथा जैविक खेती के उपयोग से वातावरण एवं मानव शरीर पर क्या फायदे होते हैं। इसी क्रम में डॉ बी.एल. प्रजापति एवं डॉ. वरुण प्रताप सिंह जादौन द्वारा भी जैविक खेती में कीट, रोग नियंत्रण की विस्तार से जानकारी दी तथा डॉ. सुदीप कुमार ने जैविक प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को बताया। अंत में डॉ. रवि चंद्रवंशी मौसम विज्ञानिक द्वारा कार्यक्रम में शामिल हुए समस्त किसान भाई एवं बहनों के अलावा उपस्थित कृषि विभाग के सहायक संचालक अमित सिंह भदोरिया एवं राजवीर सिंह तोमर बमोरी, गुना, आरोन, चाचौड़ा से शामिल हुए बी. टी. एम. एवंं ए. टी.एम.को कार्यक्रम में शामिल होने पर उनका धन्यवाद ज्ञापित किया।

उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर प्रशिक्षण

केंद्र में ऑनलाइन गूगल मीट द्वारा कृषक प्रशिक्षण का आयोजन हुआ जिसमें जिले भर के लगभग 65 किसानों ने भाग लिया। डॉ. अखिलेश श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि कृषक मिट्टी परीक्षण उपरांत ही खेत में उर्वरक डालें। प्रगतिशील कृषक देवेंद्र सिंह रघुवंशी द्वारा अपने घरों में अच्छे देसी नस्ल की दुधारू जानवर पालने एवं उनसे प्राप्त गोबर से अपने खेतों के लिए अच्छी खाद जैसे वर्मी कंपोस्ट खाद बनाकर उन्हें उचित मात्रा में फसलों में डालकर अधिक से अधिक जैविक उत्पादन लेने पर प्रकाश डाला डॉ. सुदीप तोमर, डॉ.वरुण प्रताप जादोन प्रसार वैज्ञानिक, डॉ. बी. एल. प्रजापति द्वारा खरीफ फसलों की जानकारी दी गयी।

अंत में प्रगतिशील किसान अजगरी ग्राम चाचोड़ा से भारत मीणा, वीरेन्द्र सिह राजपूत, भक्तावर सिंह रुठियाई एवं अन्य किसान साथियों द्वारा अपने अपने अनुभवों को अन्य किसानों से साझा किया मौसम वैज्ञानिक रवि चन्द्रवंशी के द्वारा सभी लोगों का धन्यवाद प्रस्तुत किया गया।

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