धान में टॉप ड्रेसिंग प्रबंधन: सही समय पर उर्वरक देने से बढ़ेगी फसल की बढ़वार
08 अगस्त 2026, नई दिल्ली: धान में टॉप ड्रेसिंग प्रबंधन: सही समय पर उर्वरक देने से बढ़ेगी फसल की बढ़वार –
टॉप ड्रेसिंग का समय तय करता है उर्वरकों की प्रभावशीलता
धान की फसल में केवल उर्वरक की मात्रा ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि उसे सही समय पर देना भी उतना ही जरूरी है। यदि टॉप ड्रेसिंग मिट्टी की नमी और फसल की अवस्था को ध्यान में रखकर की जाए, तो पौधों द्वारा पोषक तत्वों का उपयोग बेहतर होता है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है।
आईसीएआर–केन्द्रीय धान अनुसंधान संस्थान (ICAR-CRRI), कटक ने विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार यूरिया की टॉप ड्रेसिंग संबंधी अलग-अलग सिफारिशें जारी की हैं।
खेती की स्थिति के अनुसार बदलती है मात्रा
संस्थान के अनुसार अपलैंड डायरेक्ट सीडेड धान में निराई के बाद 26 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ टॉप ड्रेसिंग के रूप में देना चाहिए। वहीं, अर्ध-गहरे एवं गहरे जल वाले क्षेत्रों में ‘ब्यूशेनिंग’ के बाद 18 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ तथा वर्षा आधारित उथले क्षेत्रों में 36 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़देने की सलाह दी गई है।
पर्याप्त नमी होने पर ही दें उर्वरक
आईसीएआर-सीआरआरआई ने स्पष्ट किया है कि डायरेक्ट सीडेड धान में पहली टॉप ड्रेसिंग तभी की जानी चाहिए, जब खेत में पर्याप्त नमी उपलब्ध हो। सूखी मिट्टी में उर्वरक देने से उसकी उपयोग दक्षता कम हो सकती है और पौधों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।
संतुलित पोषण से बढ़ेगी उत्पादकता
विशेषज्ञों के अनुसार सही समय पर टॉप ड्रेसिंग करने से पौधों की बढ़वार बेहतर होती है, कल्ले अधिक बनते हैं और पोषक तत्वों की हानि भी कम होती है।
आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़, व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

