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फसल की खेती (Crop Cultivation)

तीसरी फसल मूंग से मुनाफा

मध्य प्रदेश में जायद का जादू

  • (अतुल सक्सेना)

26 मार्च 2022, भोपाल ।  तीसरी फसल मूंग से मुनाफा – प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों से तीसरी फसल के रूप में जायद फसलों का जादू छाने लगा है। इसमें मुख्य रूप से मूंग, मूंगफली, मक्का, उड़द एवं धान फसल ली जाती है। इसमें सबसे प्रमुख एवं किसानों को मुनाफा देने वाली फसल मूंग है जिसे जायद में सबसे अधिक क्षेत्र में प्रदेश के किसान अपनाने लगे हैं। चालू जायद वर्ष 2022 में लगभग 9 लाख 29 हजार हेक्टेयर में मूंग लेने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष जायद में 8.35 लाख हेक्टेयर में मूंग फसल ली गई थी तथा उत्पादन अनुमान 11.55 लाख मीट्रिक टन लगाया गया है। समर्थन मूल्य में बेहतर कीमत मिलने के कारण गत वर्ष किसानों को लाभ हुआ, इसे देखते हुए लक्ष्य में इस वर्ष 1 लाख हे. की वृद्धि की गई है तथा किसान मूंग लगाने के प्रति उत्साहित भी हैं।

मूंग का लक्ष्य

जानकारी के मुताबिक देश एवं प्रदेश में सबसे अधिक मूंग फसल लेने वाला होशंगाबाद जिला है। इस वर्ष यहां लगभग 2.50 लाख हेक्टेयर में मूंग लेने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरे नम्बर पर हरदा जिला है यहां 1.35 लाख हेक्टेयर में मूंग ली जाएगी। इसी प्रकार नरसिंहपुर जिले में 1.25, रायसेन में 1.10 लाख हेक्टेयर में, सीहोर जिले में 75 हजार, देवास 45 हजार, जबलपुर 41 हजार, सागर 28 हजार, खरगोन 18 एवं छिंदवाड़ा जिले में 10 हजार हेक्टेयर में मूंग लेने का लक्ष्य रखा गया है।

एमएसपी पर खरीदी

गत वर्ष प्रदेश में 2 लाख 47 हजार टन मूंग की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य 7196 रु. प्रति क्वि. पर की गई थी। इस वर्ष मूंग का एमएसपी 7275 रु. प्रति क्विं. तय किया गया है। इसे देखते हुए किसान मूंग लगाने के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। गत वर्ष 15 सितंबर तक मूंग खरीदी गई थी।

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जायद की अन्य फसलों का रकबा

कृषि विभाग के मुताबिक प्रदेश में जायद की अन्य फसलें जैसे- मूंगफली 4860 हेक्टेयर में, मक्का 18270 हेक्टेयर, उड़द 66100 हेक्टेयर एवं ग्रीष्मकालीन धान 53940 हेक्टेयर में लेने का लक्ष्य रखा गया है।

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मूंग उत्पादक प्रमुख राज्य

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा प्रमुख ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक राज्य हैं। गत वर्ष कुल 35.25 लाख हेक्टेयर में मूंग बोई गई थी तथा कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के मुताबिक लगभग 30 लाख टन उत्पादन होने की संभावना है। 60 दिन की मूंग फसल किसानों के लिए काफी लाभदायक है। इससे कृषकों की आय में इजाफा होता है। यह तीसरी फसल के रूप में वर्षा के पूर्व किसान को आर्थिक राहत देती है।

सिंचाई व्यवस्था पर्याप्त : श्री पटेल

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प्रमुख मूंग उत्पादक जिले होशंगाबाद में इस वर्ष सिंचाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल ने कहा है कि 25 मार्च से तवा डेम की नहर से पानी दिया जाएगा, परन्तु किसानों ने तिथि को आगे बढ़ाकर 30 मार्च करने का अनुरोध किया है। क्योंकि गेहूं,चने की फसल वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में हरी है जिसकी कटाई में वक्त लगेगा।

 

मध्य प्रदेश में मूंग के टॉप 10 जिले

 

जिला 

होशंगाबाद 

क्षेत्र (हेक्टेयर में)

250000

हरदा 135000
नरसिंहपुर 125000
रायसेन 110000
सीहोर 75000
देवास 45000
जबलपुर 41000
सागर 28000
खरगोन 18000
छिंदवाड़ा 10000

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