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फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन की खेती कैसे करें, महत्वपूर्ण जानकारी बुवाई से लेकर कटाई तक

20 जून 2021, नई दिल्ली: सोयाबीन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण लेखों का विशेष संग्रह जो आपको सोयाबीन की खेती के बारे में सब कुछ जानने में मदद करेगा।

1. 10 मिनट में कैसे करें स्वस्थ सोयाबीन बीज की जाँच – बीज अंकुरण प्रभावित होने के कारण।

2. 100 मिमी वर्षा होने पर ही करें सोयाबीन की बोनी – कृषि विभाग द्वारा किसानों को खरीफ फसल के संबंध में उपयोगी सलाह दी है। जिसके अनुसार वर्षा के आगमन पश्चात पर्याप्त वर्षा यानी 4 इंच वर्षा होने पर ही सोयाबीन की बुवाई का कार्य करे मध्य जून से जूलाई का प्रथम सप्ताह बुबाई के लिये उपयुक्त है। सोयाबीन की बौवनी हेतु न्यूनतम 70 प्रतिशत अंकुरण के आधार पर उपयुक्त बीज दर का ही उपयोग करें।

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3. जे.एस. 95-60 छोड़ सोयाबीन की दूसरी किस्में लगाएं – जे.एस. 95-60 की गुणवत्ता में कमी आने के कारण सोयाबीन की अन्य वैकल्पिक किस्मों की खेती करने की सलाह दी।

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4. सोयाबीन की शीघ्र, मध्यम एवं अधिक समयावधि वाली किस्में तथा उनकी बीज उपलब्धता – सोयाबीन के बदलते हुए मौसम के परिप्रेक्ष्य एवं कीट/रोग के प्रबंधन

5. सोयाबीन की विशिष्ट किस्में – विशिष्ट सोयाबीन की किस्मों में शामिल हैं- मध्य भारत के लिए अनुशंसित, भारत की पहली कुनिट्ज़ ट्रिप्सिन मुक्त सोयाबीन किस्म NRC 127 , दक्षिणी भारत के लिए अनुशंसित KTI मुक्त अन्य किस्म MACS NRC 1677; दक्षिणी और पूर्वी राज्यों के लिए अनुशंसित NRC 132, भारत की प्रथम कुनिट्ज़ट्रिप्सिन इन्हिबिटर एवं लाय्पोक्सीजिनेज-2 मुक्त सोयाबीन किस्म NRC 142 तथा मध्य क्षेत्र व दक्षिणी क्षेत्र के किसानों के लिए बेहतर शैल्फ जीवन और ऑक्सीडेटिव स्थिरता के लिए भारत की पहली उच्च ओलिक एसिडकिस्म NRC 147 की सिफारिश हाल ही में अधिसूचित के लिए की गई है।

6. सोयाबीन की उन्नत किस्में – जेएस 20-34, 20-29, 20-69, आरवीएस 2001-4, जेएस 20-98 आदि किस्मों को बीज 75 कि.ग्रा. प्रति हे. और उर्वरक में यूरिया-43 कि.ग्रा., सिंगल सुपर फास्फेट 375 कि.ग्रा. एवं म्यूरेट आफ पोटाश 33 कि.ग्रा. प्रति हे. (एनपीकेएस- 20:60:20:20 कि.ग्रा/हे.) की दर से ।

7. सोयाबीन का बेहतर विकल्प है तुलसी की खेती – सोयाबीन की खेती में लागत ज्यादा आती है और प्राकृतिक कारणों से प्रायः नुकसान होता है l इसको  देखते हुए इंडियन टोबेको कम्पनी (आईटीसी ) देवास द्वारा तुलसी की खेती को बढ़ावा देने के लिए चौपाल द्वारा फिलहाल इच्छुक किसानों  की सूची तैयार की जा रही है l 

8. सोयाबीन की उन्नत खेती – बुवाई का समय, म.प्र. के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों हेतु सोयाबीन की उपयुक्त प्रजातियाँ से लेकर उत्पादन को प्रभावित करने वाले कारक

9. सोयाबीन में पौध संरक्षण – सोयाबीन फसल से पीला रोग ग्रसित पौधों को शीघ्र निकालकर खेत में गड्ढा बनाकर दबा दें, जिससे सफेद मक्खी पीला रोग से प्रभावित पौधों से रस चूसकर दूसरे स्वस्थ्य पौधों को प्रभावित न कर सके। इसके नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एस.एल. डाइमेथोएट दवा का छिडकाव करें….

10. अपनी सोयाबीन को इस तरह बचाएं कीट एवं बीमारियों से – इस लेख में सोयाबीन में आने वाली प्रमुख बीमारियों का संक्षिप्त व्याख्यान व प्रबंधन बताया जा रहा है जो कि उसके सफलतम उत्पादन के लिए नितांत आवश्यक है।