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फसल की खेती (Crop Cultivation)

10 मिनट में कैसे करें स्वस्थ सोयाबीन बीज की जाँच

10 मिनट में कैसे करें स्वस्थ सोयाबीन बीज की जाँच

10 मिनट में कैसे करें स्वस्थ सोयाबीन बीज की जाँच

25 जून 2020, इंदौर। 10 मिनट में कैसे करें स्वस्थ सोयाबीन बीज की जाँच – मानसून की बारिश की दस्तक के बाद  बुआई की तैयारी के साथ ही बीज की उपलब्धता सुनिश्चित होने पर भी किसानों को यह चिंता रहती है, कि जो बीज वे बो रहे हैं, वह अच्छी तरह से अंकुरित हो जाए. इसलिए दस मिनट में सोयाबीन के स्वस्थ बीज की पहचान करने के उपाय का भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर के कृषि विशेषज्ञ डॉ.व्ही.पी.सिंह बुंदेला ने अपना प्रायोगिक अनुभव साझा किया है.

बीज अंकुरण प्रभावित होने के कारण :  डॉ.बुंदेला के अनुसार उपलब्ध बीज शुद्ध होना चाहिए. उसमें किसी अन्य किस्म के बीज मिश्रित नहीं होना चाहिए और उसकी अंकुरण क्षमता अच्छी होना चाहिए. बीज का अंकुरण कई कारणों से प्रभावित होता है. इनमें बीज की नमी। हाड़म्बा ( राजस्थानी मशीन ) से थ्रेशिंग कर निकाले सोयाबीन बीज का ऊपरी छिलका ,सीड कोट क्रेक होना है.इम्ब्रायो जहाँ से बीज अंकुरित होता है ,उसका प्रभावित होना भी शामिल है.

अंकुरण परीक्षण के सरल उपाय : बीज की शुद्धता और अंकुरण परीक्षण चार तरीकों से किया जाता है.पहला यह कि आप बीज को हाथ में लेकर बीज के आकार , रंग,बीज की बिंदी ( हाईलम कलर) और सोयाबीन की अन्य प्रजाति के बीज को अलग करके कर सकते हैं .दूसरे परीक्षण में सोयाबीन के कुछ दाने अपने मुंह में डालकर दाँत से दबाएं यदि बीज टूटने की आवाज़ आए तो समझिए बीज सूखा है.सूखा हुआ बीज ही अंकुरण करता है .तीसरे परीक्षण में यदि बीज टूटने की आवाज़ नहीं आए तो समझ लीजिए बीज नमी की स्थिति में भंडार किए जाने से खराब हो गया है ऐसे बीजों को गौर से देखने पर पता चलेगा कि उसकी चमक कम होने के साथ ही लालिमा लिए हुए है .ऐसे लाल बीज अंकुरित नहीं होंगे. चौथे परीक्षण में यह जांचा जाता है कि बीज का इम्ब्रायो, जहां से बीज उगता है ठीक है कि नहीं. यदि इम्ब्रायो किसी कारण से क्षतिग्रस्त हुआ तो बीज भले ही चमकदार हो लेकिन वह अंकुरित नहीं होगा.

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सैम्पल  टेस्ट : इसके लिए बुआई के लिए चयनित बीज के तीन सैम्पल टेस्ट करें .सभी सैम्पल के 100 -100  दाने लें. एक कांच के गिलास में पानी लें इस पानी में गिने हुए 100 दानों को डालकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें.10 मिनट बाद देखेंगे कि  कुछ -कुछ दाने फूल गए हैं और कुछ का सीड कोट, बीज का ऊपरी छिलका सिकुड़ गया है अब इन बीजों को पानी से अलग कर कागज़ पर डाल दें. जो  दाने न तो सिकुड़े और न ही फूले उन्हें अलग कर लें. अब सभी तरह के दानों को गिन लें. जिन बीजो का छिलका अलग हो गया या इम्ब्रायो प्रभावित हुआ है, ऐसे दाने कभी नहीं उगेंगे .बोते समय इन्हें सीड ड्रिल के रोटर से अलग कर लें .सिर्फ सिकुड़े हुए दाने ही अंकुरित होंगे. इन दानों को गिनकर बीज का प्रतिशत निकाल लें.यदि 100  दानों में से 80  दाने सिकुड़े  हुए हैं,18 दाने फूले हुए हैं और 2  दाने कठोर हैं. सिकुड़े हुए ये 80  दाने ही अंकुरित होंगे .शेष बीज बोवनी के लिए उपयुक्त नहीं है.इसका अंकुरण 5  प्रतिशत ऋणात्मक हो सकता है, जो भूमि की दशा ,बुआई के समय का मौसम , बोने की मशीन या बीज की गहराई पर निर्भर हो सकता है. डॉ.बुंदेला के इस प्रयोग से किसान ज़रूर लाभान्वित होंगे. सम्पर्क नंबर -9926427381

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