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फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन, मूंगफली की उन्नत किस्में

  • डॉ.बी.एस. किरार
    (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख)
  • डॉ. यू. एस. धाकड़ (वैज्ञानिक)
    कृषि विज्ञान केन्द्र, टीकमगढ़

3 जून 2021, भोपाल । सोयाबीन, मूंगफली की उन्नत किस्में – उड़द: आईपीयू 02-43, पीयू-1, शेखर -2, शेखर-3, मुकन्दरा, आईपीयू-94-1 (उत्तरा) प्रताप उड़द-1 आदि किस्मों की 20 कि.ग्रा. प्रति हे. बीज की दर, उर्वरकों में यूरिया-43 किग्रा, सिंगल सुपर फास्फेट 312 कि.ग्रा. एवं म्यूरेट आफ पोटाश 33 कि.ग्रा. प्रति हे. (एनपीके- 20:50:20 कि.ग्रा/हे.) की वर्षां शुरू होने से पहले व्यवस्था कर ली जाये।

मूंग

विराट, शिखा, आईपीएम 02-14, पीडीएम 139, आईपीएम-02-03, हम-16, हम-12 आदि से 20 किग्रा प्रति हे. बीज दर से।

सोयाबीन

जेएस 20-34, 20-29, 20-69, आरवीएस 2001-4, जेएस 20-98 आदि किस्मों को बीज 75 कि.ग्रा. प्रति हे. और उर्वरक में यूरिया-43 कि.ग्रा., सिंगल सुपर फास्फेट 375 कि.ग्रा. एवं म्यूरेट आफ पोटाश 33 कि.ग्रा. प्रति हे. (एनपीकेएस- 20:60:20:20 कि.ग्रा/हे.) की दर से ।

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तिल

टीकेजी 308, 306, पीकेडीएस-11, 12, 8, और बीज की 3-4 कि.ग्रा प्रति हे. की मात्रा से बुवाई करने से पहले व्यवस्था कर ली जाये। और उर्वरक में यूरिया-86 कि.ग्रा., सिंगल सुपर फास्फेट 187 कि.ग्रा. एवं म्यूरेट आफ पोटाश 33 कि.ग्रा. प्रति हे. (एनपीके 40:30:20 कि.ग्रा/हे.) की मात्रानुसार व्यवस्था करें।

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मूंगफली

धरनी, जीजी 20, जेजीएन-23, जेएल-501, टीजी 37, तथा गुच्छा प्रजाति हेतु 100 कि.ग्रा. और फैलने वाली प्रजाति हेतु 80 कि.ग्रा. और उर्वरक में यूरिया-43 कि.ग्रा., सिंगल सुपर फास्फेट 375 कि.ग्रा. एवं म्यूरेट आफ पोटाश 33 कि.ग्रा. प्रति हे. या डीएपी (18:46) 109 कि.ग्रा. सिंगल सुपर फास्फेट 63 कि.ग्रा. (एनपीकेएस- 20:60:20:20 कि.ग्रा/हे.) का प्रयोग करना है तब उस स्थिति में गंधक (सल्फर) की पूर्ति हेतु जिप्सम 250 कि.ग्रा प्रति हे. प्रयोग करें।

अरहर

प्रगति (आईसीपीएल-87), पूसा-992 जागृति (आईसीपीएल-87-151), पूसा – 33, टीजेटी-501, राजीव लोचन, आईपीए-203 एवं शीघ्र पकने वाली किस्मों हेतु 25 से 30 कि.ग्रा और मध्यम समय से पकने वाली किस्मों के लिये 18 से 20 कि.ग्रा. बीज प्रति हे. की दर व्यवस्था करके रखें। उर्वरकों में यूरिया-43 कि.ग्रा., सिंगल सुपर फास्फेट 312 कि.ग्रा. एवं म्यूरेट आफ पोटाश 33 कि.ग्रा. प्रति हे (एनपीके- 20:50:20 कि.ग्रा/ हे.) मात्रानुसार पहले से व्यवस्था करें।

ज्वार

सीएसवी 10,13,15,17,20,23 और संकर किस्मों में सीएसएच-16,17,18, 23, 25 आदि सभी किस्में अनाज एवं चारा उत्पादन दोनों के लिये उपयुक्त है। एक हेक्टर के लिये 8 से 10 किग्रा बीज। उर्वरक नत्रजन 80 से 100 किग्रा, फास्फोरस 40 से 50 किग्रा और पोटाश 40 से 50 किग्रा प्रति हे. का उपयोग करें। कतारों में 45 सेमी की दूरी पर 3 से 4 सेमी की गहराई पर बुवाई करें।