फसल की खेती (Crop Cultivation)

तरबूज की उन्नत किस्में: हाई-यील्डिंग वैरायटी से अधिक उत्पादन कैसे पाएं

09 मई 2026, नई दिल्ली: तरबूज की उन्नत किस्में: हाई-यील्डिंग वैरायटी से अधिक उत्पादन कैसे पाएं – तरबूज की खेती में अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त करने के लिए उन्नत किस्मों का चयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में खुले परागण (OP), हाइब्रिड और बीजरहित (seedless) कई किस्में प्रचलित हैं। प्रमुख किस्मों में शुगर बेबी, आसाही यामाटो, किरण, माधुरी 64, जुबिली, क्रिमसन स्वीट और शुगर 75 शामिल हैं। इन किस्मों का चयन उत्पादन क्षमता, फल की गुणवत्ता और बाजार मांग को ध्यान में रखकर किया जाता है।

तरबूज गर्मी के मौसम की प्रमुख नकदी फसल है, जो अपने मीठे स्वाद, अधिक जल मात्रा और पोषण गुणों के कारण व्यापक रूप से उगाई जाती है। यह कम अवधि में तैयार होकर किसानों को जल्दी आय देती है और जूस, सलाद तथा प्रसंस्कृत उत्पादों में भी उपयोग होती है।

इसकी सफल खेती के लिए 25–35 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त होता है और पाला या अत्यधिक ठंड हानिकारक होती है। बलुई दोमट मिट्टी, जिसमें जल निकास अच्छा हो और pH 6.0–7.5 हो, सबसे उपयुक्त रहती है। खेत की तैयारी में 2–3 गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरी बनाया जाता है तथा अंतिम जुताई में 20–25 टन प्रति हेक्टेयर गोबर की खाद मिलाई जाती है।

बुवाई जनवरी से मार्च के बीच की जाती है। प्रति हेक्टेयर 2–3 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है और बीजों को फफूंदनाशक से उपचारित करना चाहिए। पौधों की दूरी 0.9 × 1.2 मीटर रखी जाती है जिससे लगभग 9200 पौधे प्रति हेक्टेयर लगाए जा सकते हैं।

उर्वरक प्रबंधन में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित उपयोग किया जाता है। फर्टिगेशन तकनीक से 12 सप्ताह की अवधि में उर्वरक तीन चरणों में दिया जाता है, जिससे पौधों को निरंतर पोषण मिलता है।

ड्रिप सिंचाई से 40–60% पानी की बचत होती है और मल्चिंग से नमी बनी रहती है तथा खरपतवार कम होते हैं। पूरी फसल अवधि में लगभग 330–350 मिमी पानी की आवश्यकता होती है।

कीटों में लाल कद्दू बीटल, एफिड्स और फल मक्खी तथा रोगों में डाउनी और पाउडरी मिल्ड्यू प्रमुख हैं। समय पर नियंत्रण आवश्यक है।

फसल 75–90 दिनों में तैयार होती है और उचित प्रबंधन से 250–300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जो बेहतर प्रबंधन से 350 क्विंटल तक पहुंच सकता है।

आपने उपरोक्त समाचार कृषक जगत वेबसाइट पर पढ़ा: हमसे जुड़ें
> नवीनतम कृषि समाचार और अपडेट के लिए आप अपने मनपसंद प्लेटफॉर्म पे कृषक जगत से जुड़े – गूगल न्यूज़व्हाट्सएप्प
> कृषक जगत अखबार की सदस्यता लेने के लिए यहां क्लिक करें – घर बैठे विस्तृत कृषि पद्धतियों और नई तकनीक के बारे में पढ़ें
> कृषक जगत ई-पेपर पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: E-Paper
> कृषक जगत की अंग्रेजी वेबसाइट पर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें: Global Agriculture

Advertisements