फसल की खेती (Crop Cultivation)

3 हजार प्रेरक इंदौर जिले में प्राकृतिक खेती की अलख जगाएंगे

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10 जून 2022, इंदौर । 3 हजार प्रेरक इंदौर जिले में प्राकृतिक खेती की अलख जगाएंगे   इंदौर पिछले पांच साल से पूरे देश में स्वच्छता का सिरमौर बना हुआ है। पिछले दिनों स्टार्टअप से जुड़े एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर के कृषि से जुड़े एक एप के संचालक से चर्चा में स्वच्छता की भांति प्राकृतिक खेती में भी इंदौर अव्वल आए यह मंशा जाहिर की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इंदौर जिले को प्राकृतिक खेती में भी अव्वल बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए तीन हजार प्रेरक अलख जगाएंगे। जिसमें कलेक्टर श्री मनीष सिंह भी शामिल हुए, उन्होंने महू क्षेत्र के लिए नियुक्त किए जाने वाले प्रेरकों से चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि रसायनिक खेती जमीन और मानव जीवन दोनों के लिए हानिकारक होती जा रही है। अब हमें रासायनिक खेती से बचना होगा। उन्होंने कहा कि जैविक खेती की तुलना में प्राकृतिक खेती ज्यादा लाभदायक है। यह कम खर्चीली है। किसान आगे आकर प्राकृतिक खेती को अपनाएं। यहां करीब 100 किसानों ने प्राकृतिक खेती के लिए संकल्प पत्र भरे हैं।

प्राकृतिक खेती के प्रोत्साहन एवं प्राकृतिक खेती को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए इंदौर जिले में 3 हजार प्रेरक गांव-गांव में प्राकृतिक खेती का अलख जगाएंगे। प्राकृतिक खेती के विशेषज्ञ श्री मारूति माने, श्री सुरेश कुमार तिवारी, श्री संतोष सौमवतिया ने किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री शिव सिंह राजपूत, आत्मा परियोजना के संचालक श्रीमती शर्ली थॉमस, उप संचालक उद्यानिकी श्री वास्कले सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। अंत में श्री दिनेश सलवाडिया ने आभार माना।

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