सोयाबीन का विकल्प आवश्यक
पिछले 5-6 दशकों से सोयाबीन मध्यप्रदेश में खरीफ की एक प्रमुख फसल के रूप में ली जा रही है। प्रदेश में सत्तर के दशक में इसकी खेती आरंभ की गयी थी। किसानों ने इसे खरीफ की एक प्रमुख फसल के
संपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।
पिछले 5-6 दशकों से सोयाबीन मध्यप्रदेश में खरीफ की एक प्रमुख फसल के रूप में ली जा रही है। प्रदेश में सत्तर के दशक में इसकी खेती आरंभ की गयी थी। किसानों ने इसे खरीफ की एक प्रमुख फसल के
भोपाल। एक जून से उर्वरक की खरीदी के लिए किसानों को अपना स्वयं का आधारकार्ड लेकर आना आवश्यक होगा। इस नई व्यवस्था के तहत आधारकार्ड होने एवं किसान का अंगूठा लगाने पर ही किसान को खाद मिल सकेगा। उक्त आशय
भारत सरकार के कृषि सांख्यिकी विभाग ने वर्ष 2016-17 के कृषि फसलों के उत्पादन के तीसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान को 9 मई 2017 को जारी कर दिया। इस वर्ष लगभग सभी फसलों के अच्छे उत्पादन का अनुमान है, इसमें अच्छी
वर्तमान में कृषि बागवानी में जल मांग की पूर्ति मौसम व क्षेत्र में उपलब्ध जल संसाधनों के आधार पर उनकी पूर्ति की जा रही है। नयी-नयी कृषि तकनीकों के बीच बागवानी में बूंद-बूंद सिंचाई प्रणाली का उपयोग अपनाया जा रहा
मुख्यत: अफ्रीका में उगाई जाने वाली यह फसल पोषण तत्वों से भरपूर है। आंशिक दृष्टि से भी किसानों के लिये इसकी खेती लाभकारी है। भूमि तथा जलवायु– यह उष्ण जलवायु की फसल हैं। उपजाऊ दोमट भूमि जिसमें पानी नहीं भरता
थ्रेशर दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण थ्रेशर पर काम करते समय दुर्घटनाएं मुख्यत: उचित जानकारी के अभाव में तथा कुछ असुरक्षित मशीनों के उपयोग से होती हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 73 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय कारणों से, 13 प्रतिशत मशीनी
नयी दिल्ली। सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए जल्द ही 6000 करोड़ रपये के परिव्यय के साथ कृषि उत्पाद प्रसंस्करण एवं विकास के लिए कृषि प्रसंस्करण इकाइयों के संकुलों को प्रोत्साहित करने की योजना संपदा शुरू करेगी। इसके तहत मौजूदा
घनश्याम चौकसे, धमतरी समाधान – आपका प्रश्न सामयिक है प्रति उत्तर का लाभ अन्य कृषकों को भी मिल सकेगा क्योंकि धान की नर्सरी डाली जाना है और बीजोपचार जरूरी है आप निम्न उपाय करें। धान के बीज बंडे से निकालकर
(विशेष प्रतिनिधि) भोपाल। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया ने वित्त वर्ष 2017-18 के लिए शहरी गरीबों के लिए पांच रुपए में भोजन, विधवा महिलाओं के लिए पेंशन और प्रदेश सरकार के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का
प्लग ट्रे पौध उत्पादन तकनीकी को शहरी क्षेत्रों के आसपास सब्जी पौध उत्पादन हेतु लघु उद्योग के रूप में अपनाया जा सकता है। इस विधि द्वारा सब्जी बीजों में शत- प्रतिशत अंकुरण एवं रोग रहित पौधे प्राप्त होते हैं। तथा