रतालू की खेती कैसे करें
मुख्यत: अफ्रीका में उगाई जाने वाली यह फसल पोषण तत्वों से भरपूर है। आंशिक दृष्टि से भी किसानों के लिये इसकी खेती लाभकारी है। भूमि तथा जलवायु- यह उष्ण जलवायु की फसल हैं। उपजाऊ दोमट भूमि जिसमें पानी नहीं भरता
संपादकीय (Editorial) में भारत में कृषि, कृषि नीतियों, किसानों की प्रतिक्रिया और भारतीय परिदृश्य में इसकी प्रासंगिकता से संबंधित नवीनतम समाचार और लेख शामिल हैं। संपादकीय (Editorial) में अतिथि पोस्ट और आजीविका या ग्रामीण जीवन से संबंधित लेख भी शामिल हैं।
मुख्यत: अफ्रीका में उगाई जाने वाली यह फसल पोषण तत्वों से भरपूर है। आंशिक दृष्टि से भी किसानों के लिये इसकी खेती लाभकारी है। भूमि तथा जलवायु- यह उष्ण जलवायु की फसल हैं। उपजाऊ दोमट भूमि जिसमें पानी नहीं भरता
10 लाख नए बेरोजगार हर महीने 57 प्रतिशत जनसंख्या 30 वर्ष की उम्र से कम 50 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण युवा रोजगार की तलाश में 12 करोड़ किसान भारत में 10 करोड़ छात्र केवल शिक्षा अर्जन कर रहे आज भारत
अपनी तरह के अकेले पत्रकार श्री पी. साईंनाथ ने तीन-चार दिन पहले ही भोपाल में कहा था कि- ‘अपने देश में कृषि का संकट,अब कृषि से काफी आगे जाकर,पूरे समाज का संकट बन गया है। यह इंसानियत का संकट भी
हवन के धुएं से होता है रोगाणुओं का नाश हवन वातावरण को प्रदूषण मुक्त बनाने के साथ ही अच्छी सेहत के लिए जरूरी है। हवन के धुएं से प्राण में संजीवनी शक्ति का संचार होता है। हवन के माध्यम से
गाजर – आलू सब्जी भी दवाई भी गाजर का जड़ वाली सब्जियों में प्रमुख स्थान है। यह स्वादिष्ट एवं पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है। गाजर में विटामिन ए तथा विटामिन ए को निर्मित करने वाला तत्व केरोटिन भरपूर मात्रा
खेत की तैयारी रबी की कटाई के बाद दो-तीन बार हल चलाकर मिट्टी को भुरभुरा व नींदा रहित करें। पाटा लगाकर खेत को समतल करें। उन्नत बीज का चुनाव, मात्रा व उपचार शुद्ध, प्रमाणित, रोग मुक्त बीज का चलन करें।
भूमि : इसकी खेती हल्की से भारी भूमि में आसानी से की जा सकती है परंतु मध्यम भूमि सर्वोत्तम होती है अच्छे जल निकास वाली भूमि होना चाहिए। खेत की तैयारी : रबी की फसल काटने के बाद एक मिट्टी
उत्पादक क्षेत्र – मेहंदी पूरे भारत वर्ष में पायी जाती है। राजस्थान में पाली जिले का सोजत व मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र वर्षो से मेहंदी के व्यवसायिक उत्पादन का मुख्य केन्द्र है। यहां करीब 40 हजार हेक्टर भूमि पर मेहंदी की
इंदौर। गत दिनों प्रदेश के कई जिलों में अत्यधिक ठंड पडऩे के कारण पाला पड़ गया था जिससे चना, मटर और आलू की फसल को बहुत नुकसान हुआ। इस बीच छतरपुर जिले में पाले से उच्च किस्म की महंगी फसलों
भूमि व खेत की तैयारी : नदी के किनारों पर यदि सुरक्षात्मक उपाय उपलब्ध हों जहां कार्बनिक पदार्थ की मात्रा अच्छी हो एवं जल भराव न हो वहां पर कद्दूवर्गीय सब्जियों को सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। खरबूज को बलुई