फसल की खेती (Crop Cultivation)

नवीनतम फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और कृषि पद्धतियों में नवाचार, बुआई का समय, बीज उपचार, खरपतवार नियन्तारन, रोग नियन्तारन, कीटो और संक्रमण से सुरक्षा, बीमरियो का नियन्तारन। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल की खेती (Crop Cultivation) की जानकारी और नई किस्मे। गेहू, चना, मूंग, सोयाबीन, धान, मक्का, आलू, कपास, जीरा, अनार, केला, प्याज़, टमाटर की फसल में कीट नियंतरण एवं रोग नियंतरण। सोयाबीन में बीज उपचार कैसे करे, गेहूँ मैं बीज उपचार कैसे करे, धान मैं बीज उपचार कैसे करे, प्याज मैं बीज उपचार कैसे करे, बीज उपचार का सही तरीका। मशरुम की खेती, जिमीकंद की खेती, प्याज़ की उपज कैसे बढ़ाए, औषदि फसलों की खेती, जुकिनी की खेती, ड्रैगन फ्रूट की खेती, बैंगन की खेती, भिंडी की खेती, टमाटर की खेती, गर्मी में मूंग की खेती, आम की खेती, नीबू की खेती, अमरुद की खेती, पूसा अरहर 16 अरहर क़िस्म, स्ट्रॉबेरी की खेती, पपीते की खेती, मटर की खेती, शक्ति वर्धक हाइब्रिड सीड्स, लहसुन की खेती। मूंग के प्रमुख कीट एवं रोकथाम, सरसों की स्टार 10-15 किस्म स्टार एग्रीसीड्स, अफीम की खेती, अफीम का पत्ता कैसे मिलता है?

फसल की खेती (Crop Cultivation)

मुक्‍तिनाथ गेहूँ 3170 (NIAW 3170) गेहूँ किस्म: महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के लिए गेहूँ किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: मुक्‍तिनाथ गेहूँ 3170 (NIAW 3170) गेहूँ किस्म: महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के लिए गेहूँ किस्म – NIAW 3170 (Muktinath Wheat 3170) ICAR-NRRI, पुणे द्वारा विकसित की गई है और प्रायद्वीपीय भारत के सिंचित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है। मुख्य

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

जीडब्ल्यू 451 (GW 451) गेहूँ किस्म: गुजरात क्षेत्र के लिए उच्च कठोरता और बेहतर प्रोसेसिंग वाली गेहूँ किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: जीडब्ल्यू 451 (GW 451) गेहूँ किस्म: गुजरात क्षेत्र के लिए उच्च कठोरता और बेहतर प्रोसेसिंग वाली गेहूँ किस्म – GW 451 नवसारी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई है और केंद्रीय एवं पश्चिमी भारत में प्रचलित है। मुख्य विशेषताएं: यह

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisement
Advertisement
फसल की खेती (Crop Cultivation)

एचआई 1633 (HI 1633) (पुसा व्हीट 1633) गेहूँ किस्म: केंद्रीय क्षेत्र के लिए उच्च-उपज क्षमता वाली किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: एचआई 1633 (HI 1633) (पुसा व्हीट 1633) गेहूँ किस्म: केंद्रीय क्षेत्र के लिए उच्च-उपज क्षमता वाली किस्म – HI 1633 ICAR-IARI, नई दिल्ली द्वारा विकसित की गई है और मध्य भारत में सिंचित खेती के लिए उपयुक्त

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
Advertisement
Advertisement
फसल की खेती (Crop Cultivation)

करन नरेंद्र (Karan Narendra) (DBW 222) गेहूँ किस्म: उत्तर-पूर्वी भारत के लिए रोग प्रतिरोधी गेहूँ

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: करन नरेंद्र (Karan Narendra) (DBW 222) गेहूँ किस्म: उत्तर-पूर्वी भारत के लिए रोग प्रतिरोधी गेहूँ – DBW 222 (Karan Narendra) पूर्वी भू-भागों जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में उपयुक्त है और रोग-प्रतिरोध क्षमता के लिए

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

पीबीडब्ल्यू 826 (PBW 826) गेहूँ किस्म: उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र के सिंचित क्षेत्रों के लिए गेहूँ किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: पीबीडब्ल्यू 826 (PBW 826) गेहूँ किस्म: उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र के सिंचित क्षेत्रों के लिए गेहूँ किस्म – PBW 826 पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई है और पूर्वी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश पूर्वी, बिहार और

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisement
Advertisement
फसल की खेती (Crop Cultivation)

करन वंदना (Karan Vandana) (DBW 187) गेहूँ किस्म: उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र के लिए उपयुक्त

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: करन वंदना (Karan Vandana) (DBW 187) गेहूँ किस्म: उत्तर-पूर्वी मैदानी क्षेत्र के लिए उपयुक्त – DBW 187 जिसे Karan Vandana भी कहा जाता है, ICAR-IIWBR द्वारा विकसित की गई किस्म है, जो बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के सिंचित क्षेत्रों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
Advertisement
Advertisement
फसल की खेती (Crop Cultivation)

आरएयू 627 (RAU 627) गेहूँ किस्म: बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यधिक अनुकूल किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: आरएयू 627 (RAU 627) गेहूँ किस्म: बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यधिक अनुकूल किस्म – RAU 627 राष्ट्रीय बीज निगम और बिहार कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से विकसित एक किस्म है, जो पूर्वी उत्तर

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

सीजी 1807 (CG 1807) गेहूँ किस्म: छत्तीसगढ़ के सीमांत जलवायु क्षेत्रों के लिए उपयुक्त गेहूँ किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: सीजी 1807 (CG 1807) गेहूँ किस्म: छत्तीसगढ़ के सीमांत जलवायु क्षेत्रों के लिए उपयुक्त गेहूँ किस्म – CG 1807 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा विकसित की गई है और गर्म जून-जुलाई के बाद बुवाई करने वाले किसानों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

सीजी 1801 (CG 1801) गेहूँ किस्म: छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए उपयुक्त सिंचित एवं वर्षा आधारित फसल

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: सीजी 1801 (CG 1801) गेहूँ किस्म: छत्तीसगढ़ क्षेत्र के लिए उपयुक्त सिंचित एवं वर्षा आधारित फसल – CG 1801 इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा विकसित एक बहुमुखी गेहूँ किस्म है, जो सिंचित और वर्षा आधारित दोनों परिस्थितियों में

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

एमपी 3478 (MP 3478) गेहूँ किस्म: मध्य प्रदेश के लिए सर्वाधिक उपज वाली किस्म

16 नवंबर 2025, नई दिल्ली: एमपी 3478 (MP 3478) गेहूँ किस्म: मध्य प्रदेश के लिए सर्वाधिक उपज वाली किस्म – एमपी 3478 जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (JNKVV), जबलपुर द्वारा विकसित की गई उच्च-उपज गेहूँ किस्म है, जो मध्य भारत के गर्म एवं सिंचित क्षेत्रों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें