फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल उत्पादन (Crop Cultivation) उन्नत तकनीकें

नवीनतम फसल खेती जानकारी यहाँ उपलब्ध है। आधुनिक कृषि पद्धतियां और Crop Cultivation नवाचार अपनाएं। बुआई समय तथा वैज्ञानिक बीज उपचार तकनीकें उपज बढ़ाती हैं। खरपतवार नियंत्रण, रोग प्रबंधन और कीट सुरक्षा उपाय फसल पैदावार हेतु आवश्यक हैं।

यह खंड गेहूं उत्पादन, चना खेती, मूंग, सोयाबीन, धान तथा मक्का जैसी अनाज फसलों पर केंद्रित है। आलू, कपास, जीरा, प्याज और टमाटर की नई किस्में यहाँ देखें। फसल कीट नियंत्रण और रोग नियंत्रण विशेषज्ञ सलाह यहाँ प्राप्त करें। Crop Cultivation प्रक्रिया में सोयाबीन, गेहूं और धान बीज उपचार अनिवार्य है।

मशरूम खेती, जिमीकंद और औषधीय फसल उत्पादन जानकारी यहाँ संकलित है। जुकिनी, ड्रैगन फ्रूट, बैंगन तथा टमाटर खेती के वैज्ञानिक गुर सीखें। आम, नींबू, अमरूद, पपीता और लहसुन खेती की हर बारीकी यहाँ उपलब्ध है। पूसा अरहर-16 तथा सरसों उन्नत किस्में (स्टार एग्रीसीड्स) अधिक लाभ देती हैं। अफीम खेती कानूनी प्रक्रिया और लाइसेंस जानकारी इस Crop Cultivation गाइड में समाहित है।

फसल की खेती (Crop Cultivation)

अधिक उपज देने वाली शिमला मिर्च की किस्म केटीसी-1

17 अक्टूबर 2022, भोपाल: अधिक उपज देने वाली शिमला मिर्च की किस्म केटीसी-1 – अधिक उपज देने वाली शिमला मिर्च की किस्म केटीसी-1 किस्म: केटीसी-1 स्रोत: आईएआरआई (आरएस), कटरीन, 2019 पौधे में 6-7 फल/पौधे लगते हैं; फलों का वजन: 70

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
राज्य कृषि समाचार (State News)फसल की खेती (Crop Cultivation)

राजस्थान में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव और आयुक्त ने फसल खराबे का जायजा लिया

शीघ्र सर्वे कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए 16 अक्टूबर 2022, जयपुर । राजस्थान में कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव और आयुक्त ने फसल खराबे का जायजा लिया  – कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री दिनेश कुमार और आयुक्त

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
राज्य कृषि समाचार (State News)फसल की खेती (Crop Cultivation)

छत्तीसगढ़ में किसानों से 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य

मंत्रिमंडलीय उप समिति की बैठक 15 अक्टूबर 2022, रायपुर । छत्तीसगढ़ में किसानों से 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य  – मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप राज्य में एक नवम्बर से धान खरीदी शुरू होगी।

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

कम पानी में सरसों की वैज्ञानिक खेती

लेखक: डॉ. मुकेष सिंह, डॉ.एस.एस.धाकड़, डॉ.गायत्री वर्मा, एवं डॉ.जी. आर. अंबावतिया कृषि विज्ञान केन्द्र, शाजापुर, म.प्र. राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय,ग्वालियर (म.प्र.) 15 अक्टूबर 2022, शाजापुर: भारत में मध्यप्रदेश तिलहनी फसल उत्पादन करने वाला महत्वपूर्ण प्रदेश है । जिसमें रबी

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

कम पानी में सरसों की वैज्ञानिक खेती

लेखक: डॉ. मुकेष सिंह, डॉ.एस.एस.धाकड़, डॉ.गायत्री वर्मा, एवं डॉ.जी. आर. अंबावतिया कृषि विज्ञान केन्द्र, षाजापुर, म.प्र. राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विष्वविद्यालय,ग्वालियर (म.प्र) 15 अक्टूबर 2022, शाजापुर: भारत में मध्यप्रदेश तिलहनी फसल उत्पादन करने वाला महत्वपूर्ण प्रदेश है । जिसमें रबी

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

कृषि में नीम का महत्व

14 अक्टूबर 2022, भोपाल: कृषि में नीम का महत्व – कृषि में नीम का महत्व खेती में रसायनों के अंधाधुंध उपयोग का विकल्प नीम के उत्पाद। नीम की निंबौली में अजाडिरिक्टिन कम्पाउण्ड-एक कीटनाशक रस पाया जाता है। खेती में नीमैक्स जैविक खाद 125-150 किग्रा/हेक्टेयर

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

एन.पी.वी. (न्यूक्लियर पॉली हायड्रोसिस वायरस) क्या है और इसका प्रयोग कैसे करते है 

14 अक्टूबर 2022, भोपाल: एन.पी.वी. (न्यूक्लियर पॉली हायड्रोसिस वायरस) क्या है और इसका प्रयोग कैसे करते है – न्यूक्लियर पॉली हायड्रोसिस वायरस (एन.पी.वी.) पर आधारित हरी सूंडी (हेलिकोवर्पा आर्मीजेरा) अथवा तम्बाकू सूंडी (स्पेडोप्टेरा लिटूरा) का जैविक कीटनाशक है जो तरल रूप में उपलब्ध है। इसमें वायरस

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

ट्राइकोडरमा क्या है और इसका प्रयोग कैसे करते है 

14 अक्टूबर 2022, भोपाल: ट्राइकोडरमा क्या है और इसका प्रयोग कैसे करते है – ट्राइकोडरमा एक घुलनशील जैविक फफूंदनाशक है, जो ट्राइकोडरमा विरडी या ट्राइकोडरमा हरजिएनम पर आधारित है। ट्राइकोडरमा फसलों में जड़ तथा तना गलन/सडऩ उकठा (फ्यूजेरियम आक्सीस्पोरम, स्केल रोसिया डायलेक्टेमिया)

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

जैविक एजेन्ट एवं जैविक कीटनाशकों के प्रयोग द्वारा सतत कृषि रक्षा प्रबंधन

14 अक्टूबर 2022, भोपाल: जैविक एजेन्ट एवं जैविक कीटनाशकों के प्रयोग द्वारा सतत कृषि रक्षा प्रबंधन – प्रदेश में फसलों को कीटों, रोगों एवं खरपतवारों आदि से प्रतिवर्ष 7 से 25 प्रतिशत तक क्षति होती है, जिसमें 33 प्रतिशत खरपतवारों द्वारा, 26 प्रतिशत रोगों द्वारा, 20 प्रतिशत कीटों द्वारा, 7 प्रतिशत

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

गोबर गैस / बायोगैस संयंत्र – ऊर्जा का खजाना

14 अक्टूबर 2022, भोपाल: गोबर गैस / बायो गैस संयंत्र – ऊर्जा का खजाना – गोबर गैस / बायोगैस संयंत्र – ऊर्जा का खजाना खाद का कारखाना प्राकृतिक रूप से प्राणियों के मृत शरीर एवं वनस्पति विघटित होकर सेन्द्रीय खाद के रूप में मिट्टी

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें