फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल उत्पादन (Crop Cultivation) उन्नत तकनीकें

नवीनतम फसल खेती जानकारी यहाँ उपलब्ध है। आधुनिक कृषि पद्धतियां और Crop Cultivation नवाचार अपनाएं। बुआई समय तथा वैज्ञानिक बीज उपचार तकनीकें उपज बढ़ाती हैं। खरपतवार नियंत्रण, रोग प्रबंधन और कीट सुरक्षा उपाय फसल पैदावार हेतु आवश्यक हैं।

यह खंड गेहूं उत्पादन, चना खेती, मूंग, सोयाबीन, धान तथा मक्का जैसी अनाज फसलों पर केंद्रित है। आलू, कपास, जीरा, प्याज और टमाटर की नई किस्में यहाँ देखें। फसल कीट नियंत्रण और रोग नियंत्रण विशेषज्ञ सलाह यहाँ प्राप्त करें। Crop Cultivation प्रक्रिया में सोयाबीन, गेहूं और धान बीज उपचार अनिवार्य है।

मशरूम खेती, जिमीकंद और औषधीय फसल उत्पादन जानकारी यहाँ संकलित है। जुकिनी, ड्रैगन फ्रूट, बैंगन तथा टमाटर खेती के वैज्ञानिक गुर सीखें। आम, नींबू, अमरूद, पपीता और लहसुन खेती की हर बारीकी यहाँ उपलब्ध है। पूसा अरहर-16 तथा सरसों उन्नत किस्में (स्टार एग्रीसीड्स) अधिक लाभ देती हैं। अफीम खेती कानूनी प्रक्रिया और लाइसेंस जानकारी इस Crop Cultivation गाइड में समाहित है।

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कपास का रकबा बढ़ेगा, धान घटेगा

भारतीय बीज कंपनियों के शीर्ष संगठन नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएसए) के अध्यक्ष श्री मांडव प्रभाकर राव के मुताबिक बाजार कारकों के असर और मानसून की अनिश्चितताओं से आगामी खरीफ सीजन में फसलों के पैटर्न में बड़ा बदलाव आएगा

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गर्मियों में लगाएं गेंदा

भिन्न-भिन्न ऊंचाई एवं भिन्न-भिन्न रंगों के कारण लेण्ड स्केप की खूबसूरती बढ़ाने के भी काम आता है। यह क्यारियों में तथा हरबेसियस बॉर्डर के रूप में आसानी से उगाया जाने वाला पौधा है। इसके साथ सबसे महत्वपूर्ण एवं फायदेमंद बात

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आओ करें खरीफ की तैयारी

वर्ष 2015 का खरीफ शुरू होने को है। खरीफ का महत्व क्षेत्रफल तथा फसल विविधता की दृष्टि से विशेष है। खरीफ में पैदा किये जाने वाली प्रमुख फसलें धान, सोयाबीन, मूंगफली, मूंग, उड़द तथा अरहर है जिनमें से सबसे अधिक

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मिर्च की उन्नत खेती

पोषक मूल्य पोष्टिकता की दृष्टि से यह विटामिन एवं खनिज लवणों का स्त्रोत है। इसके फल विटामिन ए व सी से भरपूर होते हैं। मिर्च का तीखापन उसमें उपस्थित एल्कालॉयड कैपसाइसिन के कारण होता है। जलवायु निमाड़ की जलवायु मिर्च

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अधिक उत्पादन के लिये मिट्टी जांच जरूरी

मिट्टी की जांच क्यों आवश्यक है:1. मिट्टी की उर्वराशक्ति एवं पोषक तत्वों की उपलब्धता ज्ञात करने के लिये।2. परीक्षण के आधार पर फसल की आवश्यकतानुसार उर्वरकों की मात्रा निर्धारित करने के लिए।3. ऐसी भूमि जहां उर्वरकों की आवश्यकता नहीं है,

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टिकाऊ उर्वरता के लिये हरी खाद

बढ़ती जनसंख्या के भरण-पोषण के लिये प्रति इकाई उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास में अंधाधुंध सिंचाई, असंतुलित उर्वरक उपयोग कृषि में होने के कारण भूमि के स्वास्थ्य पर विपरीत असर देखे जाने लगे जो वर्तमान में एक चुनौती बनकर उभरे हैं।

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फसल की खेती (Crop Cultivation)राज्य कृषि समाचार (State News)

गर्मियों में कद्दूवर्गीय फसलों में कीट नियंत्रण

डॉ. संदीप शर्मा मो. : 9803133157 email : sharma.sandeep1410@gmail.com मध्यप्रदेश में नर्मदा ताप्ती, तवा, गंजाल आदि नदियों के तटों पर खीरा, ककड़ी, टिण्डा, खरबूज, तरबूज, लौकी आदि फसलें विस्तृत क्षेत्र में उत्पादित की जाती हैं। क्षेत्र में इन फसलों की

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आम की खेती

डॉ. नीरज शुक्ला , डॉ. डी.ए. सरनाईक , डॉ पी.एन. सिंह आम को फलों का राजा कहा जाता है और यह हमारे देश का राष्ट्रीय फल है आम में विटामिन ए तथा सी प्रचुर मात्रा में होता है। इस फल

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बीजीय मसाला भण्डारण में कीट प्रबन्धन

राम गोपाल सामोता द्य डॉ. के.सी. कुमावत डॉ. एस.के. खींची email : ramgopal.765@gmail.com बीजीय मसालों में सिगरेट भृंग, औषधि भण्डार भृंग इत्यादि का प्रकोप हो जाता है इनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है: सिगरेट भृंग: सिगरेट भृंग पहली बार तम्बाकू

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स्वास्थ्यप्रद है श्रीफल

नारियल एवं इसका पानी दोनों ही काफी गुणकारी हैं तथा औषधि के रूप में घरेलू उपयोग में लाए जाते हैं। नारियल का पानी दूध की तरह ही एक पूर्ण आहार है। विटामिन के रूप में इसमें ‘ए, बी, सी’ विटामिन

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