फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल उत्पादन (Crop Cultivation) उन्नत तकनीकें

नवीनतम फसल खेती जानकारी यहाँ उपलब्ध है। आधुनिक कृषि पद्धतियां और Crop Cultivation नवाचार अपनाएं। बुआई समय तथा वैज्ञानिक बीज उपचार तकनीकें उपज बढ़ाती हैं। खरपतवार नियंत्रण, रोग प्रबंधन और कीट सुरक्षा उपाय फसल पैदावार हेतु आवश्यक हैं।

यह खंड गेहूं उत्पादन, चना खेती, मूंग, सोयाबीन, धान तथा मक्का जैसी अनाज फसलों पर केंद्रित है। आलू, कपास, जीरा, प्याज और टमाटर की नई किस्में यहाँ देखें। फसल कीट नियंत्रण और रोग नियंत्रण विशेषज्ञ सलाह यहाँ प्राप्त करें। Crop Cultivation प्रक्रिया में सोयाबीन, गेहूं और धान बीज उपचार अनिवार्य है।

मशरूम खेती, जिमीकंद और औषधीय फसल उत्पादन जानकारी यहाँ संकलित है। जुकिनी, ड्रैगन फ्रूट, बैंगन तथा टमाटर खेती के वैज्ञानिक गुर सीखें। आम, नींबू, अमरूद, पपीता और लहसुन खेती की हर बारीकी यहाँ उपलब्ध है। पूसा अरहर-16 तथा सरसों उन्नत किस्में (स्टार एग्रीसीड्स) अधिक लाभ देती हैं। अफीम खेती कानूनी प्रक्रिया और लाइसेंस जानकारी इस Crop Cultivation गाइड में समाहित है।

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धान की बुआई के लिए कैसे तैयार करें बीज; धान में बीज उपचार करने का सही तरीका बताएं

13 मई 2024, नई दिल्ली: धान की बुआई के लिए कैसे तैयार करें बीज; धान में बीज उपचार करने का सही तरीका बताएं – जीरी बिजाई ड्रिल या लुक्की सीड ड्रिल के अनुसार 8 किलोग्राम धान का बीज प्रति 1 एकड़

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कम अवधि में ज्यादा पैदावार देने वाली बासमती धान की किस्मे कौन सी है?

13 मई 2024, नई दिल्ली: कम अवधि में ज्यादा पैदावार देने वाली बासमती धान की किस्मे कौन सी है? – बासमती धान की प्रमुख किस्में जो कम अवधि यानि 120 से 125 दिन के अंदर पक कर  तैयार हो जाती है

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धान की सीधी बुआई कैसे करते है ?

13 मई 2024, नई दिल्ली: धान की सीधी बुआई कैसे करते है ? – धान की सीधी बिजाई के दो प्रमुख तरीके हैं। पहला तरबतर विधि जिसमें कि गेहूं की कटाई के बाद खेत की जुताई कर देते हैं। जुताई करने

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नमक के पानी से धान के बीज का उपचार कैसे करें

13 मई 2024, नई दिल्ली: नमक के पानी से धान के बीज का उपचार कैसे करें – जीरी बिजाई ड्रिल या लुक्की सीड ड्रिल के अनुसार 8 किलोग्राम धान का बीज प्रति 1 एकड़ खेत में लगता है। बुआई के लिए

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पूसा संसथान ने धान की सीधी बुवाई की दी सलाह, पैदावार में बढ़ोतरी का आश्वासन

13 मई 2024, नई दिल्ली: पूसा संसथान ने धान की सीधी बुवाई की दी सलाह, पैदावार में बढ़ोतरी का आश्वासन- पूसा संस्थान (IARI) की ओर से समय-समय पर खेती किसानी सम्बन्धी जानकारी साझा की जाती है। धान की बुआई का समय

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सोयाबीन भट क्या है और किसान इसके बीज के लिए पूछताछ क्यों कर रहे हैं?

13 मई 2024, नई दिल्ली: सोयाबीन भट क्या है और किसान इसके बीज के लिए पूछताछ क्यों कर रहे हैं? – सोयाबीन भट सोयाबीन की एक पारंपरिक किस्म है। यह पहाड़ों में उगाया जाता है और बारहनाजा की फसलों में से

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सोयाबीन लगाने वाले किसान खेत की जुताई करें

10 मई 2024, नई दिल्ली: सोयाबीन लगाने वाले किसान खेत की जुताई करें – भा. कृ. अनु.प.- भारतीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान की सलाहसोयाबीन फसल के लिए 3 वर्षों में एक बार खेत की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करना उत्पादन स्थिरता एवं आर्थिक

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सोयाबीन भट क्या है और किसान इसके बीज के लिए पूछताछ क्यों कर रहे हैं?

10 मई 2024, नई दिल्ली: सोयाबीन भट क्या है और किसान इसके बीज के लिए पूछताछ क्यों कर रहे हैं? – सोयाबीन भट सोयाबीन की एक पारंपरिक किस्म है। यह पहाड़ों में उगाया जाता है और बारहनाजा की फसलों में से

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धान की सीधी बिजाई से पैदावार में होगी बढ़ोतरी , जानिए कैसे

पूसा संस्थान  के निदेशक  द्वारा डॉ. अशोक कुमार सिंह  की  सलाह 10 मई 2024, नई दिल्ली: धान की सीधी बिजाई से पैदावार में होगी बढ़ोतरी , जानिए कैसे – “धान की सीधी बिजाई के तीन प्रमुख फायदे हैं पहला पानी की बचत ,

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आम मालफार्मेशन के प्रमुख लक्षण तथा कारण बतायें।

सुरेश मालवीय 08 मई 2024, नई दिल्ली: आम मालफार्मेशन के प्रमुख लक्षण तथा कारण बतायें। – आम मालफार्मेशन के बारे में वर्तमान  तक कारण विशेष की जानकारी की पुष्टी नहीं हो सकी है। यह बीमारी उत्तरी भारत, विशेषकर पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश

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