फसल की खेती (Crop Cultivation)

फसल उत्पादन (Crop Cultivation) उन्नत तकनीकें

नवीनतम फसल खेती जानकारी यहाँ उपलब्ध है। आधुनिक कृषि पद्धतियां और Crop Cultivation नवाचार अपनाएं। बुआई समय तथा वैज्ञानिक बीज उपचार तकनीकें उपज बढ़ाती हैं। खरपतवार नियंत्रण, रोग प्रबंधन और कीट सुरक्षा उपाय फसल पैदावार हेतु आवश्यक हैं।

यह खंड गेहूं उत्पादन, चना खेती, मूंग, सोयाबीन, धान तथा मक्का जैसी अनाज फसलों पर केंद्रित है। आलू, कपास, जीरा, प्याज और टमाटर की नई किस्में यहाँ देखें। फसल कीट नियंत्रण और रोग नियंत्रण विशेषज्ञ सलाह यहाँ प्राप्त करें। Crop Cultivation प्रक्रिया में सोयाबीन, गेहूं और धान बीज उपचार अनिवार्य है।

मशरूम खेती, जिमीकंद और औषधीय फसल उत्पादन जानकारी यहाँ संकलित है। जुकिनी, ड्रैगन फ्रूट, बैंगन तथा टमाटर खेती के वैज्ञानिक गुर सीखें। आम, नींबू, अमरूद, पपीता और लहसुन खेती की हर बारीकी यहाँ उपलब्ध है। पूसा अरहर-16 तथा सरसों उन्नत किस्में (स्टार एग्रीसीड्स) अधिक लाभ देती हैं। अफीम खेती कानूनी प्रक्रिया और लाइसेंस जानकारी इस Crop Cultivation गाइड में समाहित है।

फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन में पोषक तत्वों की फसल को आपूर्ति क्या डीएपी देने से ही हो जाती है।

समर सिंह 10 मई 2024, नई दिल्ली: सोयाबीन में पोषक तत्वों की फसल को आपूर्ति क्या डीएपी देने से ही हो जाती है। – सोयाबीन में डीएपी से सभी पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं होती है। डीएपी में 18 प्रतिशत नत्रजन

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

सोयाबीन में बीजोपचार का क्या कोई लाभ है?

रमेश वर्मा 10 मई 2024, नई दिल्ली: सोयाबीन में बीजोपचार का क्या कोई लाभ है? – अधिकांश किसान सोयाबीन की खेती वर्षों से एक ही खेत में करते चले आ रहे हैं। लगातार खेती होने के कारण सोयाबीन के खेतों में

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

शीघ्र पकने वाली अरहर की खेती करना चाहता हूं जिसके बाद गेहूं लिया जा सके। बीज, खाद, पकने की अवधि आदि की जानकारी देने का कष्ट करें।

एस.के. पुरोहित 10 मई 2024, नई दिल्ली: शीघ्र पकने वाली अरहर की खेती करना चाहता हूं जिसके बाद गेहूं लिया जा सके। बीज, खाद, पकने की अवधि आदि की जानकारी देने का कष्ट करें – आप अरहर लगाने के बाद गेहूं

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

अनाज भण्डारण की आवश्यकता

08 मई 2024, भोपाल: अनाज भण्डारण की आवश्यकता – विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से जूझकर खेत में खड़ी फसल को काटने और सहेजने का समय आ चुका है। अनाज उत्पादन जितना आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उसका भण्डारण

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) रोपण के लिए बीज की बुवाई एवं दूरी

06 मई 2024, भोपाल: जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) रोपण के लिए बीज की बुवाई एवं दूरी – जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) रोपण के लिए 500 ग्रा. से 1 कि.ग्रा. तक के पूर्ण या कटे हुए कंदों

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के लिए बीज की मात्रा कितनी लगती है ?

06 मई 2024, भोपाल: जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के लिए बीज की मात्रा कितनी लगती है ? – जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) रोपण के लिए भूमिगत कंदों का प्रयोग किया जाता है। रोपण के

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
Advertisements
फसल की खेती (Crop Cultivation)

जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के लिए बीज की बुवाई का सही समय कब है ?

06 मई 2024, भोपाल: जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के लिए बीज की बुवाई का सही समय कब है ? – जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) आमतौर पर 6-8 माह में तैयार होने वाली फसल है

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के लिए भूमि और जलवायु कैसी होनी चाहिए ?

06 मई 2024, भोपाल: जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के लिए भूमि और जलवायु कैसी होनी चाहिए ? – पानी के अच्छे निकास वाली उपजाऊ बलुई दोमट मिट्टी जिमीकंद / सूरन (Elephant Foot Yam) की खेती के

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

नरवाई बचाओ-खाद बनाओ

02 मई 2024, नई दिल्ली: नरवाई बचाओ-खाद बनाओ – वर्तमान में गेहूं की खेती में यंत्रीकरण का उपयोग बढऩे से गेहूं की कटाई कम्बाइन हारवेस्टर ट्रैक्टर द्वारा आसानी से समय पर की जा रही है। किन्तु, उससे गेहूं डंठल में

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें
फसल की खेती (Crop Cultivation)

मशरूम की किस्में एवं उत्पादन तकनीक

प्रेषक – डॉ. हिरदेश कुमार, सहायक प्रोफेसर; अरुण साहू, सहायक प्रोफेसर; कुमारी नम्रता चौहान, सहायक प्रोफेसर; डॉ. जे. पी. ठाकुर, विभागाध्यक्ष, कृषि विद्यालय विक्रांत विश्वविद्यालय, ग्वालियर; डॉ. रश्मि बाजपेयी, वरिष्ठ वैज्ञानिक(उद्यान) कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्वालियर 30 अप्रैल 2024, ग्वालियर: मशरूम

आगे पढ़ने के लिए क्लिक करें