बकरियों के दूध प्रसंस्करण
प्रकृति में मौजूद अन्य सस्तन प्राणियों के माफिक बकरी भी एक सस्तन प्राणी है। मादा बकरी 1 पाव से लेकर 3 लीटर प्रतिदिन तक दूध देती है। लेकिन बकरी के दूध का जिक्र होते ही लोग नाक-भौहें सिकुड़ते हैं और
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंपशुपालन (Animal Husbandry), मुर्गीपालन, मत्स्य पालन और मवेशी पालन से संबंधित समाचार और जानकारी। नवीनतम नीतियां, रुझान, प्रौद्योगिकी और किसान प्रथाएं। पशुओं का रखाव और पशुपालन (Animal Husbandry), पशुओं का टीकाकरण, इलाज, पशुओं को गर्मी से कैसे बचाए, पशुओं का दूध उत्पादन के लिए आहार। गए और बैलो का रखाव, गए और बैलो का का टीकाकरण, इलाज, गए और बैलो को गर्मी से कैसे बचाए, गए का दूध उत्पादन के लिए आहार। गए और बैलो (पशुओं ) को पैर और मुंह की बीमारी से कैसे बचाए। बकरी पालन, मुर्गी पालन, मछली पालन, गधा पालन, गए पालन, धान के खेत मैं मछली पालन, पिंजरे मैं मछली पालन, घरेलू पशुओं मे टीकाकरण, पशुओं को ठंड से बचाव के लिए सलाह। गए और बैलो (पशुओं ) के लिए चारा, हरा चारा, गीला चारा, बरसीम। पशुओं का दूध और उसकी गुणवत्ता कैसे बढ़ाएं? दूध उत्पादन के लिये सुझाव, जानिए खिलारी गाय की विशेषतांए, उत्पत्ति व उपयोग, गाए की देसी नस्ले। होलस्टीन फ्राइज़ियन की जानकारी, दूध उत्पादन, चारे की ज़रूरत। गीर, रेड सिंघी, साहीवाल, हल्लीकर, अमृतमहल, खिल्लारी, कंगायम, बरगुर, पुलिकुलम, आलमबदी, थारपारकर, हरिआना, कांकरेज, ओंगोले, कृष्णा वैली, दीयोनि, जर्सी, होलेस्टियन फ़्रेसिअन, ब्राउन स्विस, रेड डेन, आयरशायर, जर्सी क्रॉस, मुर्राह, सुरति, जाफराबादी, भदावरी, नीली रवि, मेहसाना, नागपुरी, तोडा एवं अन्य गाए, भैंस और पशुओं की नस्ल के बारे मैं जानकारी।
प्रकृति में मौजूद अन्य सस्तन प्राणियों के माफिक बकरी भी एक सस्तन प्राणी है। मादा बकरी 1 पाव से लेकर 3 लीटर प्रतिदिन तक दूध देती है। लेकिन बकरी के दूध का जिक्र होते ही लोग नाक-भौहें सिकुड़ते हैं और
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंतालाबों का निर्माण ऐसे स्थान पर किया जाये, जहां की मिट्टी में अच्छी उर्वराशक्ति हो और जल का रिसाव न हो। तालाब ऐसे स्थान में निर्मित किये जायें जहां मीठे जल के स्रोत हों तथा उनके क्षतिग्रस्त होने की संभावना
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंभोपाल। 175 से भी अधिक वर्षों से दुनिया भर के किसानों व कृषि बाजारों में अपनी धाक जमा रहे जॉन डियर ट्रैक्टर ने अपनी मशीनरी श्रेणी में एक और नायाब हीरा प्रस्तुत किया है जो जॉन डियर को अन्य कम्पनियों
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंथनैला रोग का कारण थनैला रोग गंदे वातावरण में स्वस्थ पशुओं में आसानी से फैलता है । पशु घरों में गंदगी होना मलमूत्र का अधिक समय तक इकटठा रहना, बिना उबाले औजारों का दुग्ध थन में इस्तेमाल करना, गंदे हाथों
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंबालाघाट। कृषि कार्यों एवं दुग्ध उत्पादन में पशुओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। पशुओं की बीमारी या दुर्घटना में मृत्यु हो जाये तो पशु पालक का भारी नुकसान हो जाता है। पशु पालकों को ऐसी स्थिति में राहत प्रदान करने
आगे पढ़ने के लिए क्लिक करेंउन्नत पशु प्रजनन किस प्रकार संभव है- उन्नत नस्ल के चुने हुए उच्चकोटि के सांड से प्राप्त बछड़े-बछियों में अधिक उत्पादन क्षमता होती है। इसलिये निरंतर विकास हेतु हर समय उन्नत नस्ल के उच्चकोटि के सांड से पशुओं को प्रजनन
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