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पशुपालन (Animal Husbandry)

दुग्ध संग्रहण में वृद्धि से पशुपालकों को मिलेगा लाभ : श्री कियावत

19 मार्च 2021, भोपाल । दुग्ध संग्रहण में वृद्धि से पशुपालकों को मिलेगा लाभ : श्री कियावत – दुग्ध संघ परिवार की तरह हैं, यदि परिवार के सदस्य संगठित रहेंगे तो परिवार मजबूत और समृद्ध रहेगा  संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने सोमवार को सीहोर जिले के आष्टा तथा पचामा में दुग्ध समितियों के पदाधिकारियों की बैठक ली और कहा कि जो सदस्य समिति छोड़कर अन्यत्र चले गये हैं उन्हें हमें वापस जोड़ना होगा।

 संभागायुक्त श्री कियावत कहा कि, सहकारिता का अर्थ ही है सबके सहयोग से सबका विकास। उन्होने कहा कि वर्तमान में भोपाल दुग्ध संघ की क्षमता 5.50 लाख लीटर है और वर्तमान में 3.65 लाख लीटर दूध का ही संग्रहण हो रहा है। यदि प्लांट की क्षमता के अनुरूप 5 लाख लीटर से अधिक दुग्ध का संग्रहण हो तो प्लांट के व्यय में कोई बढोतरी नहीं होगी।  श्री कियावत ने कहा कि पशु आहार संयंत्र द्वारा बनाया जाने वाला पशु आहार की गुणवत्ता देश के सबसे अच्छी संस्थाओं द्वारा प्रमाणित है  उन्होने कहा कि इसकी क्षमता  से 20 प्रतिशत कम पशु आहार का उत्पादन हो रहा है। यदि इसकी उत्पादन क्षमता 100 प्रतिशत से अधिक कर दें तो इसकी लागत भी कम होगी और पशु आहार का दाम भी कम किया जा सकेगा  .चर्चा के दौरान सीहोर के ओम वर्मा, नरेश पाटीदार, विक्रम सिंह, महेन्द्र सिंह वर्मा, हरीश सोलंकी तथा आष्ट से   हेमराज सिंह, गजराज सिंह जायसवाल, मांगीलाल, भेरूलाल पाटिल ने संभागायुक्त श्री कियावत को दुग्ध संग्रहण एवं भुगतान से संबंधित कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया।

सीहोर कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने किसानों के केसीसी कार्ड के बैंको में लंबित आवेदन पर कार्यवाही कर केसीसी कार्ड बनवाने के उन्होन पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये।  

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दुग्ध समितियां एवं दुग्ध संग्रहण की स्थिति

सीहोर जिले के सभी पांच विकास खण्डों में कुल 501 समितियां गठित हैं जिसमें 429 क्रियाशील हैं। इन क्रियाशील समिति के सदस्यों की संख्या 20471 है।

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सीहोर जिले में प्रतिदिन औसतन एक लाख 524 लीटल दुग्ध का संग्रहण हो रहा है। जिले में औसतर 1100 मेट्रिक टन पशु आहार की बिक्री उचित मूल्य सहकारी समितियों के माध्यम से की जाती है। सीहोर जिले में निजी डेरी संस्थाओं द्वारा 1 लाख 436 लीटर दुग्ध का संग्रहण किया जा रहा है।