रीपर बाइंडर – गेहूं काटने की उपयुक्त मशीन

रीपर बाइंडर – गेहूं काटने की उपयुक्त मशीन – ऐसी मशीन जो फसल को काटकर खेत में बंडल बनाकर डाल दें और उससे मड़ाई करके फसल के दाने को निकला जा सके। रीपर बाइंडर एक ऐसी मशीन है जो फसल को काटकर बंडल बनाकर खेत में छोड़ देती है। कटाई के बाद इन बंडल को उठाकर थ्रेशर से मड़ाई की जाती है। रीपर बाइंडर की सहायता से समतल खेत में जमीन से 5 सेमी ऊपर फसल की कटाई आसानी से की जा सकती है जिससे भूसे का नुकसान नहीं होता है।

रीपर बाइंडर के कटरबार की चौड़ाई  

1. 2 मीटर होती है और आगे बढऩे की गति 1. 1 से 2. 2 मीटर/सेकंड तक होती है। इसकी कार्य क्षमता 0. 4 हेक्टेयर/घंटा होती है तथा इसका 5. 6 किलोवाट का इंजन एक घंटे में करीब 1. 2 लीटर डीजल खपत करता है।

इस मशीन के ऊपर एक सीट लगी होती है तथा उस सीट के नीचे एक नुमेटिक पहिया लगा होता है जिसकी सहायता से मशीन को मोड़ा जाता है। रीपर बाइंडर से प्रति बंडल फसल का वजन करीब 4 से 6 किलोग्राम तक होता है।

रबी की सबसे महत्वपूर्ण फसलों में गेहूं एक महत्वपूर्ण फसल है। गेहूं की फसल जब तैयार होती है उस समय मौसम बदल जाता है एवं तेज हवाएं एवं बारिश होने की सम्भावना भी बनी रहती है, ऐसे में किसान चिंतित होने लगता है कि खेत में खड़ी पकी हुई फसल को जल्द से जल्द काटकर घर लाया जाए। गेहूं को खेत में काटकर वहीं पर मड़ाई करने के लिए कम्बाइन हार्वेस्टर का उपयोग बढ़ता जा रहा है। थ्रेशिंग से निकले भूसे को खेत में छोड़ देती है, जिसकी मात्रा 4 से 5 टन/हेक्टेयर होती है। साथ ही कम्बाइन हार्वेस्टर जमीन से करीब 30 सेमी ऊपर से फसल की कटाई करता है तथा कटाई के बाद फसल का ठूंठ खेत में ही खड़ा रह जाता है। जिसका नुकसान किसान को उठाना पड़ता है। एक तो फसल से निकलने वाले अवशेष अर्थात् भूसे का नुकसान होता है जो जानवरों के खाने में प्रयोग होता है जो कीमती भी होता है और दूसरा किसान खेत को अगली फसल लगाने के लिए खेतको खलीकरने के लिए आग लगा देता है जिससे पर्यावरण सहित अन्य कई नुकसान होते हैं।

रीपर बाइंडर से फसल को काटने में काफी कम समय लगता है। कटाई के समय मजदूरों की कमी होने से प्रति एकड़ कटाई का व्यय कम से कम 3000 रूपए आता है। अर्थात् इस मशीन के प्रयोग से कम से कम प्रति एकड़ 1750 रूपए की बचत होती है और कटाई का काम भी शीघ्र हो जाता है।

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